नई दिल्ली: भारत की एकदिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर शहर में 25 फरवरी को अदालत में उपस्थित होने के लिये कहा गया है। उनके खिलाफ एक पत्रिका के मुखपृष्ठ पर भगवान विष्णु के रूप में दिखाये जाने का आरोप है। इसके लिये उनके खिलाफ कथित तौर पर हिन्दू भगवान का अपमान करने के लिये मामला दर्ज किया गया था।
धोनी के वकील रजनीश चोपड़ा का कहना है कि धोनी को आंध्र प्रदेश की स्थानीय अदालत से कभी कोई समन नहीं मिला, इसलिए समन को नजरअंदाज करने का सवाल ही नहीं उठता। धोनी के वकील चोपड़ा ने बयान में कहा, महेंद्र सिंह धोनी न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन असल में उन्हें वर्तमान मामले के संदर्भ में निजी तौर पर कभी कोई समन नहीं मिला।
धोनी का प्रबंधन करने वाले रिति स्पोट्र्स द्वारा जारी बयान में कहा गया है, यहां तक इसी तरह के मामले में कर्नाटक के बेंगलुरू में जिला अदालत में एक मामला लंबित है और उच्चतम न्यायालय ने उस पर रोक लगा रखी है।
एक स्थानीय कार्यकर्ता ने यह शिकायत दर्ज करायी थी कि धोनी को एक बिजनेस पत्रिका के कवर पेज पर भगवान विष्णु के रूप में दिखाया गया है और उन्होंने अपने हाथों में कई चीजें थाम रखी हैं। उनके एक हाथ में जूते भी हैं।