लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार को विश्व टी20 के लिए अपनी महिला और पुरुष टीमों को फ़िलहाल नहीं भेजने का फ़ैसला किया है। बोर्ड का कहना है कि जब तक भारत सरकार और बीसीसीआई उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर उसे और ICC को संतुष्ट नहीं कर देती, टीम नहीं भेजी जाएंगी।
बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार ख़ान ने एक प्रेस कॉंफ़्रेंस में एक बया पढ़कर कहा, “बोर्ड धर्मशाला में 19 मार्च को पाकिस्तान और भारत का मैच कोलकता शिफ़्ट करने के ICC के फ़ैसले का स्वागत करता है।’
शहरयार ने ये प्रेस कॉंफ़्रेस ICC के चीफ़ एक्ज़ीक्यूटिव डेव रिचर्डसन की उक्त घोषणा के आघे घंटे बाद की। शहरयार ने कहा, “बोर्ड ने ICC और BCCI से कहा कि है कि हमारी सरकार को पाकिस्तान क्रिकेट टीम को विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों से मिल रही धमकियों पर आश्वासन का इंतज़ार है।
उन्होंने कहा कि लंबित आश्वासन और सुरक्षा दल की सिफ़ारिशों के मद्देनज़र बोर्ड ने टीम की भारत रवानगी टालने का फ़ैसला किया है। बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बुधवार की सुबह उनसे संपर्क करके मैच का स्थान बदलने की पुष्टि की है।
शहरयार के अनुसार मनोहर इस बात पर सहमत थे कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के ये कहने के बाद कि वह पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकते, मैच धर्मशाला में कराने का कोई औचित्य नही है।
शहरयार ने बताया कि उन्होंने मनोहर को याद दिलाया कि पाकिस्तान को धमकियां कांग्रेस, शिव सेना, आम आदमी पार्टी और सेवनिवृत सैनिकों के ग्रुप से मिली हैं इसलिये जब तक टीम की पुख़्ता सुरक्षा की गारंटी मिल नहीं जाती, वे टीम नहीं भेज सकते।
उन्होंने कहा कि BCCI, ICC और भारत सरकार से सुरक्षा का आश्वासन पाकिस्तान सरकार ने नहीं बोर्ड ने मांगा है।