हीरो बनने का मौका क्रिकेट में कभी कभार मिलता है। जो उसे भुना लेता है, वो बड़ा खिलाड़ी बन जाता है। लेकिन जो चूक जाता है, उसे विलेन बना दिया जाता है। बुधवार को जब दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला गया तो आखिर ओवर में दिल्ली की टीम करीब करीब जीता हुआ मैच हार गई। इस हार के लिए सीधे तौर पर एक खिलाड़ी को जिम्मेदार माना जा सकता है। जो अब हीरो बनते बनते विलेन बन गया है। चलिए जरा इस मैच की खास बात आपको बताते हैं।
पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने बनाए थे 210 रन
दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मुकाबला खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात की टीम ने चार विकेट पर 210 रन बना दिए। जो एक अच्छा स्कोर था और इसका पीछा करना आसान काम नहीं था। शुभमन गिल, जॉस बटलर और वॉशिंगटन सुंदन ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। इसके बाद जब दिल्ली की टीम रनों का पीछा करने के लिए उतरी तो उसकी भी अच्छी शुरुआत हुई। हालांकि नौवें ओवर में पथुम निसंका आउट हो गए। उन्होंने41 रन बनाए। इसके बाद जल्दी जल्दी दो और झटके दिल्ली को लगे। नितीश राणा पांच और समीर रिजवी बिना खाता खोले आउट हो गए। हालांकि एक छोर केएल राहुल संभाले हुए थे।
केएल राहुल का साथ देने आए डेविड मिलर, चोट के बाद भी की बल्लेबाजी
जल्दी जल्दी तीन विकेट गिरने के बाद केएल राहुल का साथ देने के लिए डेविड मिलर आए। डेविड मिलर के अंगूठे में फील्डिंंग के दौरान चोट लग गई थी। लेकिन जब वे 12 रन पर खेल रहे थे, तब अचानक पवेलियन लौट गए। पता चला कि उन्हें दर्द हो रहा है, इसलिए वे रिटायर हर्ट होकर वापस गए थे। इसके बाद अक्षर पटेल आए और दो रन बनाकर आउट हो गए। ट्रिस्टन स्टब्स भी सस्ते में आउट हुए। आखिर में जब काम नहीं बना तो चोट के बीच ही डेविड मिलर को वापस मैदान पर आना पड़ा।
बीच में ही मैदान छोड़कर चले गए डेविड मिलर, लेकिन फिर लौटे
ट्रिस्टन स्टब्स के आउट होने के बाद 17वें ओवर में डेविड मिलर फिर से मैदान पर आए और उनसे उम्मीद की जा रही थी कि वे अपनी टीम को जीत दिलाएंगे। इसी बीच टीम को बड़ा झटका तब लगा जब केएल राहुल आउट हो गए। उन्होंने 52 बॉल पर 92 रनों की एक शानदार पारी खेली। अब दिल्ली की जीत की सारी जिम्मेदारी डेविड मिलर पर ही थी। उन्होंने रन बनाने शुरू किए। दिल्ली को आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रनों की जरूरत थी। मिलर और विप्रज निगम क्रीज पर थे। विप्रज ने ओवर की पहली ही बॉल पर चौका मारा। लेकिन दूसरी बॉल पर आउट हो गए। नए बल्लेबाज कुलदीप यादव ने तीसरी बॉल खेली और एक रन लेकर मिलर को स्ट्राइक दे दी। ओवर की चौथी बॉल पर मिलर ने एक बहुत लंबा छक्का मारा और दिल्ली को जीत के करीब पहुंचा दिया। अब दिल्ली को आखिरी दो बॉल पर दो रन चाहिए थे।
एक रन लेते तो मैच हो जाता टाई, हार से बच सकती थी टीम
डेविड मिलर ने ओवर की पांचवीं बॉल पर डीप स्क्वेयर लेग पर स्ट्रोक खेला और रन के लिए आगे आए, लेकिन फिर अचानक रुक गए। कुलदीप यादव आधी क्रीज तक आ चुके थे, लेकिन फिर उन्हें वहीं से लौटना पड़ा। ये रन आराम से हो सकता था, लेकिन मिलर ने ऐसा नहीं किया। अगर ये रन होता तो मैच बराबर हो जाता और आखिरी बॉल पर जीत के लिए दिल्ली को केवल एक रन चाहिए होता। इस बीच अब आखिरी बॉल पर दो रनों की जरूरत थी। गेंदबाज प्रसिद्ध ने स्लोअर बाउंसर फेंकी, गेंद मिलर के बल्ले पर नहीं आई और पीछे कीपर जॉस बटलर के पास चली गई। इसके बाद भी मैच बराबर करने के लिए मिलर भागे, लेकिन कुलदीप यादव नहीं पहुंच पाए और वे आउट हो गए। इस तरह से गुजरात ने एक रन से मैच अपने नाम कर लिया।
डेविड मिलर बन गए दिल्ली की हार के बड़े विलेन
अब बात अगर गलती की करें तो वो साफ तौर पर मिलर की है। वे ही अपनी टीम को जीत के इतने करीब तक लेकर आए और उन्हीं ने हरा दिया। अगर मिलर पांचवीं बॉल पर एक रन लेते तो कम से कम मैच टाई हो जाता और उसके बाद सुपर ओवर में एक और मौका मिलता, लेकिन मिलर की गलती टीम पर भारी पड़ गई। इसलिए इस हार के लिए सीधे तौर पर मिलर को ही जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उनके पास चोट में भी टीम को जीत दिलाकर हीरो बनने का मौका था, लेकिन एक गलती के कारण मैच में वे विलेन बन गए।
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