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Rahul Dravid: क्यों थम गया विदेश में टीम इंडिया की जीत का सिलसिला? हेड कोच राहुल द्रविड़ का रिपोर्ट कार्ड

 Written By: Ranjeet Mishra
 Published : Jul 06, 2022 08:55 am IST,  Updated : Jul 06, 2022 08:55 am IST

राहुल द्रविड़ जब से टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, भारतीय टीम विदेशी जमीन पर तमाम टेस्ट और वनडे सीरीज में नाकाम हो रही है। 

Rahul Dravid- India TV Hindi
Rahul Dravid Image Source : BCCI

Highlights

  • राहुल द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया पस्त
  • विदेशी दौरे पर द्रविड़ की कोचिंग रही औसत दर्जे की
  • साउथ अफ्रीका के बाद इंग्लैंड में हारे मैच

जब से राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया की कमान संभाली है, भारत को जीत कम, हार का दीदार ज्यादा करना पड़ा है। खासकर विदेशी जमीन पर भारतीय टीम ने लगातार शिकस्त ही झेली है। द्रविड़ की कोचिंग में विदेश में भारत को मिले नतीजे बताते हैं कि वे अपने रोल में अब तक खुद को साबित नहीं कर सके हैं।

द्रविड़ की कोचिंग में विदेश में टीम इंडिया फ्लॉप

राहुल द्रविड़ 17 नवंबर 2021 को टीम इंडिया के हेड कोच बने थे। इसके बाद से अब तक भारतीय टीम ने आठ टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से चार में उसे जीत मिली, तीन में हार का सामना करना पड़ा और एक मैच ड्रॉ हुआ। द्रविड़ के रोल को और बेहतर तरीके से समझने के लिए इन आंकड़ों को सीरीज में बांट कर देख लेते हैं।

साउथ अफ्रीका में 1-2 से गंवाई टेस्ट सीरीज

टीम इंडिया की दीवार रहे राहुल द्रविड़ का बतौर हेड कोच पहला विदेशी दौरा साउथ अफ्रीका का था। 26 दिसंबर 2021 को सेंचुरियन में शुरू हुए पहले टेस्ट मैच में भारत को 113 रन से जीत मिली थी। ये सेंचुरियन में किसी एशियाई टीम को मिली पहली जीत थी। प्रोटियाज ने सात साल बाद इस मैदान पर कोई मैच गंवाया था। मोमेंटम भारतीय टीम के पास था लेकिन अगले दोनों मैच में तमाम खिलाड़ी पस्त नजर आए। भारत ने तीन टेस्ट की इस सीरीज को 1-2 से गंवा दिया। ये राहुल द्रविड़ की कोचिंग की बड़ी नाकामी थी।

साउथ अफ्रीका में 0-3 से हुआ भारत का क्लीन स्वीप

टेस्ट सीरीज में मिली हार के लिए खिलाड़ियों के साथ टीम मैनेजमेंट के फैसले भी उतने ही जिम्मेदार थे, जिसकी कमान हेड कोच के हाथों में थी। चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ियों को खस्ता प्रदर्शन के बावजूद टीम में बनाए रखा गया। हालांकि द्रविड़ के पास वनडे सीरीज में वापसी का मौका था लेकिन यहां भारत को और ज्यादा शर्मसार होना पड़ा। अफ्रीकी टीम ने भारत का 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। पिछले कुछ सालों में रवि शास्त्री की कोचिंग में विदेशी जमीन पर जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम के लिए ये नाकामी परेशान करने वाली थी पर कोच से सवाल किसी ने नहीं पूछा।

भारतीय जमीन पर भी करना पड़ा संघर्ष

साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपनी जमीन पर जून 2022 में हुई पांच टी20 की सीरीज में टीम इंडिया को इज्जत बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। शुरुआती दोनों मैच भारत ने गंवा दिए। हालांकि बाद के दो मुकाबले में उसे जीत मिली और सीरीज 2-2 से बराबरी पर आ गई। सीरीज का निर्णायक मुकाबला बारिश के कारण नहीं खेला जा सका।

इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में खराब कोचिंग

पांच टेस्ट मैच की सीरीज के रिशेड्यूल टेस्ट की शुरुआत से पहले भारत 2-1 से आगे था। टीम इंडिया इस सीरीज में शास्त्री की कोचिंग में 2021 में मजबूत स्थिति में पहुंची थी। लेकिन उनकी इस कमाई पर द्रविड़ ने पानी फेर दिया। भारतीय टीम को पहली पारी में 132 रन की बड़ी लीड मिली। इस बढ़त का जोश खिलाड़ियों और टीम की रणनीति में नजर आना चाहिए था पर कोच और खिलाड़ी, दोनों ही पक्ष सुस्त दिखे। चाहे फील्ड प्लेसमेंट हो या फील्डिंग का स्तर भारतीय टीम बैकफुट पर रही। किसी भी मौके पर कोच द्रविड़ टीम को संकेत देते नजर नहीं आए। हनुमा विहारी ने स्लिप में जॉनी बेयरस्टो का महत्वपूर्ण कैच टपकाया लेकिन उन्होंने पहले मैच में कप्तानी कर रहे जसप्रीत बुमराह को फील्ड में बदलाव के लिए कोई संकेत देना जरूरी नहीं समझा। नतीजतन भारत ने इंग्लैंड में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का मौका गंवा दिया, सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई    

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