1. Hindi News
  2. खेल
  3. अन्य खेल
  4. ऑस्ट्रेलियाई जज ने जोकोविच का वीजा बहाल किया लेकिन मामला अभी भी सुलझा नहीं

ऑस्ट्रेलियाई जज ने जोकोविच का वीजा बहाल किया लेकिन मामला अभी भी सुलझा नहीं

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 10, 2022 10:20 pm IST,  Updated : Jan 10, 2022 10:20 pm IST

जोकोविच ने स्वयं ट्वीट किया कि वह प्रतिस्पर्धा पेश करने की योजना बना रहे हैं। फेडरल सर्किट कोर्ट के जज एंथोनी केली ने जोकोविच का वीजा बहाल कर दिया जो बुधवार को यहां पहुंचने के बाद कोरोना टीकाकरण के कड़े नियमों के तहत मेडिकल छूट के लिये जरूरी शर्तें पूरी नहीं करने के कारण रद्द कर दिया गया था।

australian judge reinstate novak djokovic's visa but matter...- India TV Hindi
australian judge reinstate novak djokovic's visa but matter is yet not over Image Source : GETTY

Highlights

  • जोकोविच ने अपने निर्वासन और वीजा रद्द किये जाने को ऑस्ट्रेलिया के फेडरल सर्किंट और फैमिली कोर्ट में चुनौती दी थी
  • ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उनका वीजा रद्द कर दिया था
  • जोकोविच ने कहा कि उनके पास सबूत है कि वह पिछले महीने कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे

टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच कोरोना का टीका नहीं लगवाने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई ओपन में भाग लेने के लिये कानूनी लड़ाई जीत गए हैं लेकिन सरकार ने उनका वीजा दूसरी बार रद्द करने और उन्हें निर्वासित करने की धमकी दी है। इस फैसले के घंटों बाद यह स्टार टेनिस खिलाड़ी कोर्ट पर उतरा और अभ्यास किया। उनके भाई ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

जोकोविच ने स्वयं ट्वीट किया कि वह प्रतिस्पर्धा पेश करने की योजना बना रहे हैं। फेडरल सर्किट कोर्ट के जज एंथोनी केली ने जोकोविच का वीजा बहाल कर दिया जो बुधवार को यहां पहुंचने के बाद कोरोना टीकाकरण के कड़े नियमों के तहत मेडिकल छूट के लिये जरूरी शर्तें पूरी नहीं करने के कारण रद्द कर दिया गया था। जज ने सरकार को यह भी आदेश दिया कि फैसले के 30 मिनट के भीतर जोकोविच को मेलबर्न के पृथकवास होटल से बाहर किया जाये।

सरकारी वकील क्रिस्टोफर ट्रान ने जज को बताया कि आव्रजन, नागरिकता, आप्रवास सेवा और बहुसांस्कृतिक विभाग के मंत्री एलेक्स हॉके तय करेंगे कि वीजा रद्द करने के लिये उन्हें निजी अधिकार का इस्तेमाल करना है या नहीं। इसके मायने हैं कि नौ बार के ऑस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियन जोकोविच को फिर निर्वासन झेलना पड़ सकता है और वह 17 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियाई ओपन से बाहर हो सकते हैं। इसके कारण उन्हें देश में प्रवेश से तीन साल के प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ सकता है।

केली ने कहा, "अगर वीजा रद्द करने के अधिकार का प्रयोग करके इस व्यक्ति को देश से निकाला जाता है तो वह तीन साल तक ऑस्ट्रेलिया नहीं आ सकेगा।"

ट्रान और उनकी टीम ने पुष्टि की कि ऐसा होने पर जोकोविच अगले तीन साल तक ऑस्ट्रेलिया नहीं आ सकेंगे। सर्बिया के बेलग्रेड में टेलीविजन नेटवर्क परवा से बात करते हुए इस स्टार खिलाड़ी के भाई जोर्डे जोकोविच ने जज के फैसले को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की बड़ी हार करार दिया। उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर यह राजनीति थी, ये सब राजनीति थी।"

जोर्डे ने कहा कि सोमवार को एक समय उनके परिवार को सुनने को मिला था कि उनके भाई को अब भी हिरासत में रहना पड़ सकता है। उन्होंने इसकी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी और बाद में पुष्टि की कि यह दिग्गज खिलाड़ी हिरासत में नहीं है। उन्होंने कहा, "नोवाक स्वतंत्र है। कुछ समय पहले वह टेनिस कोर्ट पर था। वह ट्रेनिंग कर रहा है।"

इस स्टार खिलाड़ी ने भी टूर्नामेंट की मेजबानी करने वाले एरेना के कोर्ट पर खड़े हुए अपनी तस्वीर ट्वीट की। जोकोविच ने ट्वीट किया, "मुझे खुशी है और मैं आभारी हूं कि जज ने मेरा वीजा रद्द करने के फैसले को पलट दिया। जो भी हुआ उसके बावजूद मैं यहां रहना चाहता हूं और ऑस्ट्रेलियाई ओपन में चुनौती पेश करना चाहता हूं।"

जोकोविच ने अपने निर्वासन और वीजा रद्द किये जाने को ऑस्ट्रेलिया के फेडरल सर्किंट और फैमिली कोर्ट में चुनौती दी थी। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बुधवार को मेलबर्न पहुंचते ही उनका वीजा रद्द कर दिया था क्योंकि कोरोना टीकाकरण नियमों में मेडिकल छूट पाने के मानदंडों पर वह खरे नहीं उतरते थे। जोकोविच ने कहा कि उन्हें टीकाकरण का सबूत देने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके पास सबूत है कि वह पिछले महीने कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे।

अदालत में पेश जोकोविच के दस्तावेजों में कहा गया है कि उन्होंने टीका नहीं लगवाया है। ऑस्ट्रेलिया के चिकित्सा विभाग ने छह महीने के भीतर कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों को टीकाकरण मे अस्थायी छूट दी है। सर्किट कोर्ट के जज केली ने पाया कि जोकोविच ने मेलबर्न हवाई अड्डे पर अधिकारियों को टेनिस ऑस्ट्रेलिया द्वरा उन्हें दी गई मेडिकल छूट के दस्तावेज सौंपे थे।

जज ने जोकोविच के वकील निक वुड से पूछा, "सवाल यह है कि वह और क्या कर सकते थे।" जोकोविच के वकील ने स्वीकार किया कि वह और कुछ नहीं कर सकते थे। उन्होंने कहा कि जोकोविच ने अधिकारियों की समझाने की काफी कोशिश की कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश के लिये वह जो कुछ कर सकते थे, उन्होंने किया।

IND vs SA: विराट कोहली ने तीसरे टेस्ट से पहले की प्रेस कॉन्फ्रेंस, इन मुद्दों पर की बात

मामले की वर्चुअल सुनवाई कई बार बाधित हुई क्योंकि दुनिया भर से हजारों लोगों ने इसे देखने की कोशिश की थी। एक समय पर तो कोर्ट लिंक हैक हो गई थी। जोकोविच 20 बार ग्रैंडस्लैम जीत चुके हैं और एक खिताब जीतकर वह रोजर फेडरर तथा रफेल नडाल से आगे निकल जायेंगे। ऑस्ट्रेलिया ओपन उन्होंने नौ बार जीता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Other Sports से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल