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18 लाख मोबाइल नंबर होंगे बंद! टेलीकॉम कंपनियों को DoT का निर्देश

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : May 20, 2024 11:29 am IST,  Updated : May 20, 2024 11:37 am IST

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को 18 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबर को बंद करने का निर्देश दिया है। टेलीकॉम कंपनियं जल्द ही इन मोबाइल नंबर (SIM Card) को ब्लॉक कर सकती हैं। इन मोबाइल नंबर का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किया गया था।

DoT, Mobile Number ban- India TV Hindi
DoT to ban 1.8 million mobile number Image Source : FILE

DoT to block 1.8mn SIM Card: दूरसंचार कंपनियां 18 लाख मोबाइल नंबर को बंद करने वाली हैं। सरकार का यह साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड पर अब तक का सबसे बड़ा ऐक्शन हो सकता है। पिछले दिनों दूरसंचार विभाग (DoT) ने 28 हजार से ज्यादा मोबाइल हैंडसेट को डिसकनेक्ट करने का आदेश जारी किया था। इन मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया गया था। अब सरकार इन मोबाइल हैंडसेट में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबर को ब्लॉक करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है।

18 लाख मोबाइल नंबर होंगे ब्लॉक!

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए पूरे देश में लगभग 18 लाख मोबाइल नंबर को ब्लॉक करने की तैयारी में हैं। अलग-अलग विभाग की जांच एजेंसियों ने इन मोबाइल नंबर को वित्तीय फ्रॉड में लिप्त पाया है। 9 मई को दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 28,220 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया था। इसके अलावा 2 मिलियन यानी करीब 20 लाख मोबाइल नंबर को री-वेरिफाई करने के लिए कहा था, जिसका इस्तेमाल इन मोबाइल हैंडसेट में किया गया था।

दूरसंचार विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 2 मिलियन में से करीब 10 प्रतिशत मोबाइल नंबर को ही दोबारा वेरिफाई किया जा सका है। टेलीकॉम कंपनियों को इन नंबर को 15 दिन के अंदर वेरिफाइ करवाना था। NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के मुताबिक, 2023 में साइबर फ्रॉड के जरिए 10,319 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान NCRP पोर्टल पर साइबर फ्रॉड के कुल 6.94 लाख शिकायतें दर्ज की गई थी।

इस वजह से लिया ऐक्शन

DoT के अधिकारियों की मानें तो साइबर अपराधी फ्रॉड करने के लिए अलग-अलग टेलीकॉम सर्किल का SIM यूज कर रहे थे। वे मोबाइल नंबर और हैंडसेट बार-बार बदल रहे थे, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। उदाहरण के तौर पर झारखंड और पश्चिम बंगाल का सिम कार्ड दिल्ली-एनसीआर में यूज किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के रडार में नहीं आने के लिए वे केवल एक आउटगोइंग कॉल करके सिम कार्ड और हैंडसेट बदल देते थे। 

जांच एजेंसियों ने पिछले साल करीब 2 लाख SIM कार्ड को फ्रॉड की वजह से ब्लॉक किया था। सबसे ज्यादा हरियाणा के मेवात में 37 हजार सिम कार्ड ब्लॉक हुए थे। साइबर अपराध को ट्रैक करने के लिए सरकार का कहना है टेलीकॉम कंपनियों को सिम कार्ड के इस्तेमाल के पैटर्न पर पैनी नजर रखनी पड़ेगी। खास तौर पर उन सिम कार्ड का ध्यान रखना होगा, जिसे होम सर्किल से बाहर इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

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