iPhone 18: iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max मॉडल इस साल सितंबर में बाजार में आ सकते हैं जबकि iPhone 18 मॉडल के अगले साल की शुरुआत में आने की रूमर्स हैं। पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि बढ़ते कंपोनेंट की लागत के चलते एप्पल पूरी रेंज में कीमतें बढ़ा सकता है। हालांकि TF इंटरनेशनल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट मिंग-ची कुओ ने अब इन दावों को नकार दिया है। उनका मानना है कि एप्पल iPhone 18 लाइनअप की शुरुआती कीमत को बिना बदले रख सकता है। iPhone 18 सीरीज एप्पल के A20 या A20 Pro चिपसेट के साथ डेवलप की जा रही है जिसके चलते iPhone 18 की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं देखा जाएगा।
बढ़ती मेमोरी लागत से iPhone के ग्रॉस मार्जिन पर असर पड़ने की उम्मीद है लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि एप्पल चिप्स को सुरक्षित करके और कॉस्ट को खुद उठाकर ज्यादा बाजार हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। इससे एप्पल बाजार की इस उथल-पुथल का फायदा उठा सकता है। कुओ ने इस साल की पहली तिमाही में LPDDR मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी की पहले की खबरों को कन्फर्म किया है। एनएएनडी फ्लैश की कीमतों में बढ़ोतरी तुलनात्मक तौर पर कम रही है। कुओ ने ये भी कहा कि एप्पल ने आईफोन मेमोरी की कीमतों पर बातचीत को छह महीने के साइकिल से बदलकर तिमाही बेस पर कर दिया है जिससे इस साल की दूसरी तिमाही में कीमत एक बार और बढ़ने की संभावना है।
कुओ का कहना है कि एप्पल के कमेंट एप्पल के शेयरों और उसके सप्लायर्स के शेयरों की तुलना में कई दूसरी इंडस्ट्री के शेयरों पर ज्यादा असर डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई सर्वर की बढ़ती मांग विशाल सप्लाई चेन पर दबाव डालती रहेगी और एप्पल अपनी सर्विसेज से होने वाली आय के जरिए इस लागत की भरपाई कर सकता है।
पहले ऐसी अफवाहें थीं कि बढ़ते कंपोनेंट की कॉस्ट के चलते एप्पल अपने सभी मॉडल्स की कीमतें बढ़ा सकता है। उदाहरण के लिए भारत में iPhone 17 की शुरुआती कीमत 82,900 रुपये है जबकि iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max के बेस वेरिएंट की शुरुआती कीमत क्रमशः 1,34,900 रुपये और 1,49,900 रुपये है।
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