जम्मू से अमरनाथ मंदिर के लिए 7800 से ज्यादा यात्रियों का 10वां जत्था बुधवार को रवाना हो गया है। अब तक करीब 1.4 लाख तीर्थयात्री अमरनाथ मंदिर के दर्शन कर चुके हैं।
अमरनाथ यात्रा 2023 के लिए 13-70 साल के आयु के वयक्ति अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और सभी तीर्थयात्रियों के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है।
Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में रविवार को लिड्डर नदी के तट पर 'छड़ी-मुबारक', 'पूजन' और 'विसर्जन' के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा का समापन हो गया।
Amarnath Yatra 2022: गुफा के आस-पास पहाड़ों में बारिश के चलते आज दोपहर करीब 3 बजे जलाशयों और आस-पास के झरनों में बाढ़ आ गई।
Amarnath Yatra 2022: हमें आज तक बताया गया था कि अमरनाथ गुफा की खोज 1850 में हुई थी, जबकि इस पवित्र गुफा और महादेव के हिमलिंग स्वरूप का जिक्र 5वीं शताब्दी में लिखे गए पुराणों से लेकर, 1148 में लिखी गई राजतरंगणि में भी मिलता है।
Amarnath yatra: जम्मू में रुकने के बाद अमरनाथ तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू बेस कैंप से निकल गया है। पहलगाम रूट पर नुनवान आधार शिविर से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को पवित्र गुफा के लिए रवाना किया गया है।
Video Of Amarnath Cave Cloudburst: अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर सामने आई है। यह हादसा साढ़े 5 बजे हुआ। हादसे के वक्त घटनास्थल पर 14-15 श्रद्धालु मौजूद थे। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
Amarnath cave: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अमरनाथ की पवित्र गुफा में वैदिक मंत्रोच्चारण और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ प्रथम पूजा की गई।
Amarnath Yatra: प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग का दर्शन करने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसलिए पिछले हफ्ते एक बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया कि श्रीनगर से भी यात्रियों को हेलिकॉप्टर सेवाएं दी जा सकती हैं।
केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा की।
घाटी में आम लोग निहित स्वार्थों के द्वारा फैलाई जा रही अफवाह और दहशत से घबराए हुए हैं। उन्हें सेना और राज्य पुलिस पर भरोसा करना चाहिए।
अमरनाथ यात्रा के दौरान पिछले 24 घंटों में चार तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान मरने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 26 तक पहुंच गई है।
अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से 4,094 श्रद्धालुओं का एक और जत्था रवाना हुआ। इस साल एक जुलाई से यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 19 दिनों में 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालु समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित बाबा बफार्नी के दर्शन कर चुके हैं।
अमरनाथ तीर्थयात्रियों का 15वां जत्था मंगलवार को यहां भगवती नगर आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र गुफा के लिये रवाना हो गया। 15वें जत्थे में 3,967 लोग शामिल हैं।
एक जुलाई से यात्रा शुरू होने के बाद से कम से कम 81,630 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं, जबकि रविवार को 4,773 यात्रियों का एक और जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ।
जम्मू-कश्मीर की वादियां बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रही हैं। बालटाल से आए भक्तों के पहले जत्थे ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं।
कश्मीर के अलगाववादियों ने रविवार को कहा कि अमरनाथ तीर्थयात्रियों को घाटी में कोई खतरा नहीं है। उन्होंने राज्य में आनेवाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से किसी भी ‘झूठे प्रचार’ पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
राज भवन के एक प्रवक्ता ने कहा कि कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्यपाल को तीर्थयात्रा के लिए की जा रहीं पुख्ता व्यवस्थाओं के संबंध में अवगत कराया। इनमें तीर्थयात्रियों के लिए रास्ते में दी जाने वाली सुविधाओं और सुरक्षा के विषय शामिल हैं।
60 दिवसीय अमरनाथ यात्रा रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। इस साल 2.85 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने इस गुफा शिवलिंग के दर्शन किए।
दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए 300 महिलाओं और 100 साधुओं सहित 1,200 से अधिक श्रद्धालुओं का एक जत्था आधार शिविर से सोमवार को रवाना हुआ........
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