मुंबई के जुहू इलाके में क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की सूचना पर 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। इनमें एक महिला और 3 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए योजना बनाई।
पुलिस अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ एक्शन ले रही है और इसपर जमकर सियासत भी हो रही है। अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है और जानबूझकर बंगाल में घुसपैठ कराई जा रही है।
सिर्फ दिल्ली नहीं, असम से लेकर केरल तक और बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ मंगलवार को जबरदस्त एक्शन हुआ, चौंकाने वाले खुलासे हुए।
दिल्ली और मुंबई में बांग्लादेशी कहां से आते हैं. कैसे इन शहरों में बस जाते हैं. और वोटर भी बन जाते हैं, मुझे ये जानकर हैरानी हुई कि घुसपैठियों के फर्जी दस्तावेज बीस बीस रूपए में बन जाते हैं.
दिल्ली में अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ने के लिए अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस ने 12 घंटे का सत्यापन अभियान चलाया है जिसमें 175 संदिग्ध लोग पहचाने गए हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया है कि पुलिस ने 2 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर सीमा पार वापस भेज दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों को इंटरनेशनल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया था।
बांग्लादेश की एक नाबालिग लड़की को भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के चोपड़ा ब्लॉक के फतेपुर बीओपी इलाके में पकड़ा।
ईडी ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में 2 बांग्लादेशियों को पकड़ा है। इनके साथ एक भारतीय भी पकड़ा गया है और माना जा रहा है कि तीनों दलाल हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध प्रवासियों (ज़्यादातर मुस्लिम) की संख्या बढ़ रही है। कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि किस तरह बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासी फेक वोटर आईडी हासिल कर रहे हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। इंटरनेशनल बॉर्डर पर से बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर के वापस भेजा जा रहा है।
पुलिस को कई इनपुट मिले थे, जिसके बाद इन लोगों पर शक हुआ। इसके बाद इन्हें हिरासत में लिया गया है। अब कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
असम की पुलिस ने शनिवार को तड़के 8 बच्चों सहित 17 बांग्लादेशियों को बॉर्डर से वापस भेज दिया जिसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पुलिस की सराहना की।
झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा काफी गरम हो रहा है। भाजपा इस मुद्दे को जोर-शोर से जनता के सामने उठा रही है। अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक रैली में बड़ा दावा किया है।
झारखंड में बांग्लादेशी लोगों की घुसपैठ पर लगातार बहस जारी है। इस बीच ईडी ने भी इस मामले में एंट्री ले ली है। ईडी घुसपैठ से जुड़े मनी लान्ड्रिंग की जांच करेगी। एजेंसी ने केस भी दर्ज कर लिया है।
केंद्र सरकार के हलफनामे में कहा गया है कि आदिवासियों के बड़े स्तर पर धर्मांतरण और उनके बीच कम जन्म दर के कारण आदिवासी आबादी में काफी कमी आई है।
झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ एक बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है और इसकी वजह से पूरी डेमोग्राफी ही बदलती जा रही है।
NIA ने बीते साल नवंबर महीने में राष्ट्रव्यापी छापेमारी के बाद एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था। एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि हलदर और इदरीस भारत-बांग्लादेश सीमा पर बेनापोल के माध्यम से अवैध रूप से भारत में घुस आए थे।
मंत्री ने एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कॉफी एस्टेट में और भवन निर्माण श्रमिकों के रूप में काम करने की खबरें हैं।
बांग्लादेश के 11 अवैध प्रवासियों के खिलाफ बेंगलुरु पुलिस ने 1,019 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है जिन्होंने इस साल मई में बेंगलुरु में अपने ही देश की एक महिला से बर्बरता की थी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में 119 शरणार्थी कॉलोनियों को नियमित कर दिया और कहा कि वहां रहने वाले लोग भारतीय हैं तथा उनकी नागरिकता नहीं छीनी जा सकती।
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