Iran Israel War: इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया है। ईरान में देश भर में हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजरायली एयरफोर्स ने यह जानकारी दी है।
ईरान पर अगले कुछ घंटों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बड़ा हमला होने की आशंका है। इसके चलते ईरान और इजरायल के हवाई क्षेत्रों से गुजरने वाली तमाम उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
साल 2025 में कई महाशक्तिशाली देशों के बीच नये युद्ध शुरू हुए। हालांकि यह चंद दिनों में ही थम गए, वरना भयानक तबाही हो सकती थी। इनमें भारत-पाकिस्तान, ईरान-इजरायल और थाईलैंड-कंबोडिया युद्ध शामिल हैं।
ईरान ने इजरायल को खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में एक तथाकथित युवक को सरेआम फांसी दे दी है। 27 साल के युवक पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए ईरान की सैन्य और गुप्त जानकारी साझा करने का आरोप था।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के परमाणु केंद्र को बड़ा नुकसान पहुंचा था। इस वजह से ईरान अब दोबारा परमाणु संवर्धन नहीं कर पा रहा है।
ईरान ने एक मामले में 6 कैदियों को फांसी पर लटका दिया है। इन कैदियों की मौत इजरायल युद्ध से जुड़ी है। इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने लंबे समय बाद एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हम पर एक युद्ध थोपा गया था, जिसका ईरान ने दृढ़ता और बहादुरी से सामना किया।
ईरान सरकार ने इन दोनों को फांसी देने के बाद कहा कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ईरान विदेशी जासूसी और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान से 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान इजरायल ने ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन पर बड़ा हमला कर दिया था। मगर किस्मत वाले रहे कि वह इस हमले में मामूली रूप से घायल होकर जिंदा बच गए। इजरायली सेना ने यह हमला बिलकुल उसी स्टाइल में किया था, जैसे उसने तेहरान में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को मारा था।
अमेरिका के बी2 बॉम्बरों के हमलों के बाद भी ईरान का इस्फहान परमाणु केंद्र पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ है। लिहाजा ईरान के परमाणु मिशन पर इन हमलों से कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। दावा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन के करीब है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को मौत का पंथ कहा है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी की मौत की बात करता है। अमेरिका को ईरान नष्ट करना चाहता है। मगर उसकी राह में इजरायल रोड़ा है। इस दौरान उन्होंने गाजा और हमास को लेकर कई बड़े दावे किए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मंगलवार को दूसरी बार मुलाकात की। इस दौरान गाजा युद्ध विराम समेत इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर भी अहम वार्ता हुई। नेतन्याहू ने अपने दोस्त ट्रंप को साथ देने के लिए शुक्रिया कहा।
इजरायल और ईरान के बीच जंग थम चुकी है। दोनों ही देश सीजफायर का पालन कर रहे हैं। इस बीच ईरान ने इस बात का खुलासा कर दिया है कि इजरायल के हमलों में उसके कितने नागरिकों की मौत हुई है।
ईरान पर इजरायल ने बहुत ही बड़ा और भयानक हमला किया था। इसका एक सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है, जिसमें कारों को धमाके बाद हवा में उड़ते हुए और बिल्डिंग को धूल में मिटते हुए देखा जा रहा है।
ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला करने गए अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स के समूह का एक विमान अब तक अपने एयरबेस नहीं लौटा है। इसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर क्या ये विमान अभी ईरान पर कोई और गुप्त हमला करेगा या इसे कहीं छुपा कर रखा गया गया है।
ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद IAEA के साथ सहयोग निलंबित कर दिया है। इस कदम से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और वैश्विक प्रतिक्रियाएं तेज होने की आशंका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में करीब ढाई साल से चल रहे युद्ध के विराम की घोषणा कर दी है। अमेरिका की अगुवाई में कतर और मिस्र के सहयोग से गाजा युद्ध विराम का यह प्रस्ताव तैयार हुआ, जिसे इजरायल ने स्वीकार लिया है। वहीं एलन मस्क ने ट्रंप के इस दावे पर ट्वीट कर सवाल पूछा है।
अमेरिका और इज़राइल के हमलों के 8 दिनों के भीतर ही ईरान ने अपना ऐटमी प्रोग्राम फिर से शुरू कर दिया है। इस बीच, ईरान के ग्रैंड आयतुल्लाह नासिर मकारिम शिराज़ी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के पीएम बेन्जामिन नेतन्याहू के खिलाफ फतवा जारी किया है।
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ ईरान के शीर्ष शिया धर्मगुरु ग्रैंड अयातुल्ला नासर मकरम शिराज़ी ने फतवा जारी किया है। आइए जानते हैं कि फतवा होता क्या है और इसे कौन जारी करता है।
ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर इजरायल और अमेरिका ने हमला किया था। हमलों के बाद दावा किया जा रहा था ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को भारी क्षति हुई है। लेकिन, अब अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बड़ी बात कही है।
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