मंदिर में आ रहे पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के श्रद्धालुओं को ठगा जा रहा था। पुलिस ने यहां से 12 फर्जी सेवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने इन के पास से कैश भी बरामद किया है।
भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान की बिक्री पर ओडिशा में हंगामा मचा हुआ है। मंदिर प्रशासन ने ई-कॉमर्स पोर्टल के खिलाफ साइबर थाने में केस दर्ज कराया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि 4 अज्ञात लोगों ने दीवार के पास जमा कूड़े के एक बड़े ढेर को सहारा बनाकर बाहरी दीवार फांदकर मंदिर में अनधिकृत प्रवेश किया। यह घटना मंगलवार को हुई।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं। पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के पास रथ यात्रा के दौरान भगदड़ हुई है। इस भगदड़ में 3 लोगों की मौत हुई है। इस हादसे को लेकर सीएम माझी का बयान सामने आया है।
Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ 27 जून से हो रहा है। इस पवित्र यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ अपनी मौसी गुंडिचा के मंदिर प्रस्थान करते हैं। कुछ दिन वहां निवास करके भगावान वापस अपने धाम पहुंचते हैं।
जगन्नाथ पुरी धाम को लेकर कहा जाता है कि कलयुग जब चरम पर होगा तो यह धाम डूब जाएगा। तब भगवान जगन्नाथ जिस मंदिर में प्रकट होंगे उसके बारे में आज हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथा यात्रा के दौरान एक अनोखा दृश्य तब नजर आता है जब भगवान का रथ मंदिर से चलकर करीब 200 मीटर की दूरी पर रुक जाता है और कुछ देर ठहरने के बाद यह रथ फिर से आगे बढ़ता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है इसके पीछे की वजह।
जगन्नाथ रथ यात्रा हिंदू धर्म के पवित्र आयोजनों में से एक है। इस साल जून के आखिरी हफ्ते से रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। अगर आप यात्रा में शामिल होने वाले हैं तो आपको वहां से कुछ चीजें घर लाकर बेहद शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ 27 जून से हो जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त देश-दुनिया से जगन्नाथ पुरी धाम पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान जब रथ की रस्सी खींची जाती है तो हर भक्त उसे छूना चाहता है। रस्सी को छूने का महत्व क्या है इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।
Jagannath Rath Yatra: जगन्नाथ रथ यात्रा 27 जुलाई से शुरू हो जाएगी। इस भव्य यात्रा में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं। यात्रा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां आज हम आपको अपने इस लेख में देंगे।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आमतौर पर पुरी और दुनिया भर में सड़कों पर खींचे जाने वाले रथों से जुड़ी होती है, लेकिन कांकण सिखरी में यह परंपरा एक अलग रूप में जीवित है। यहां भगवानों की मूर्तियों को रथ के आकार की नाव पर विराजमान किया जाता है और चिलिका झील की लहरों पर भक्तों द्वारा खींचा जाता है।
भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के मंदिर के सामने हर साल अपना रथ रोकते हैं और उनसे भोग ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि इसे खाने के बाद ही रथ आगे बढ़ते हैं।
पुरी जगन्नाथ मंदिर के वरिष्ठ सेवक जगन्नाथ दीक्षित की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस मामले में एक चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।
30 अप्रैल को दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के दौरान मुख्य पुजारी रहे रामकृष्ण दासमोहपात्रा ने पश्चिम बंगाल में नए मंदिर से जुड़े ‘जगन्नाथ धाम’ शब्द को हटाने की मांग की। प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने भी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सफाई मांगी है।
दीघा स्थित नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर का कल उद्घाटन समारोह है। उससे पहले यहां पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि किसी एक के पास धर्म का एकमात्र अधिकार नहीं है, यह सभी का साझा है।
‘जगन्नाथ धाम’ का निर्माण हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया है। सीएम ममता ने 2018 में दीघा में ‘जगन्नाथ धाम’ के निर्माण की घोषणा की थी। मंदिर का निर्माण 2022 में शुरू हुआ था।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का असमय आयोजन करने को लेकर शुरू हुए विवाद को सुलझाने के मद्देनजर बैठक बुलाई गई थी, जो बेनतीजा रही। इसे लेकर इस्कॉन और जगन्नाथ मंदिर के अधिकारियों द्वारा बयान दिए गए हैं।
इस मंदिर में भगवान के भक्तों के लिए खास सुविधाएं होंगी। होटल का खाना पूरी तहर शाकाहारी होगा, लेकिन समुद्र किनारे बसे इस होटल में लग्जरी सुविधाएं भी होंगी। इस होटल की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये है।
श्री जगन्नाथ मंदिर के अंदर किसी को भी कैमरा या फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपये जुर्माना भी देना पड़ता है। इसके बावजूद मंदिर का वीडियो वायरल हुआ है।
ओडिशा के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू किया गया है। मंदिर प्रशासन ने पान गुटखा खाने पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।
संपादक की पसंद