श्रम मंत्रालय ने चारों संहिताओं को अप्रैल से लागू करने की योजना बनाई है। मंत्रालय ने श्रम कानूनों में सुधार के लिए कुल 44 तरह के पुराने श्रम कानूनों को चार वृहद संहिताओं में समाहित किया है और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया के आखिरी चरण में है।
ओएसएच संहिता के मसौदा नियम में सामान्य तौर पर अर्जित अवकाश की सीमा 240 दिन, पत्रकारों के लिए 90 दिन और बिक्री प्रतिनिधियों के लिए 120 दिन की सीमा का प्रस्ताव किया गया है।
मंत्रालय ने पिछले साल मानसून सत्र में संसद की मंजूरी के बाद संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया जानने के लिये मजदूरी को छोड़कर संहिताओं के तहत नियमों को पिछले साल नवंबर में जारी किया था
संसद के हाल में समाप्त सत्र के दौरान तीन श्रम संहिता विधेयकों औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य स्थिति संहिता को पारित किया गया। वेतन संहिता विधेयक संसद में पिछले साल पारित हुआ था।
समिति के मुताबिक कोरोना संकट जैसी आपदा में इंडस्ट्री पर दबाव डाला नहीं जा सकता
सरकार ने वेतन संहिता 2019 को अधिसूचित कर दिया है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर 50 करोड़ श्रमिकों को अनिवार्य रूप से न्यूनतम वेतन मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राष्ट्रपति ने आठ अगस्त को इसे मंजूरी दे दी थी। इसके बाद सरकार ने इस संहिता को अधिसूचित कर दिया।
श्रम मंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के 40 करोड़ कर्मचारी ESIC और कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जैसे सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में आएंगे।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़