देश के आईटी सेक्टर के लिए दिसंबर तिमाही किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने के मकसद से लागू किए गए नए लेबर कोड्स ने देश की दिग्गज आईटी कंपनियों की तिमाही कमाई पर भारी असर डाला है।
सरकार का लक्ष्य है कि 1 अप्रैल, 2026 से ये सभी संहिताएं पूरे देश में एक साथ पूरी तरह लागू हो जाएं। श्रम मामलों के संविधान की समवर्ती सूची में शामिल होने से ये जरूरी है कि राज्यों के स्तर पर भी इनके लिए नियम बनाए जाएं।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, ''मैं कई लोगों से कहता रहा हूं कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार हो गया है। इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत की डेमोग्राफी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है। ''
भारत के श्रम बाजार में साल 2026 एक बड़ा मोड़ साबित होने वाला है। पिछले पांच साल से अटके पड़े लेबर रिफॉर्म्स अब जमीन पर उतरने की तैयारी में हैं। चार नए लेबर कोड की बात कर रही है, वहीं मजदूर संगठनों के बीच 12 घंटे की शिफ्ट, नौकरी की अनिश्चितता और कम वेतन का डर गहराता जा रहा है।
किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और एनसीसीओईईई (नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स) के सदस्यों ने आम हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक पोस्ट में 4-Day के वर्क वीक की संभावना पर हामी भरते हुए कहा था कि नए लेबर कानूनों के तहत एक हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम की लिमिट तय की गई है।
कई बार नौकरी छूटने की स्थिति में कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ जाते हैं। नई नौकरी मिलने तक घर खर्च, EMI, बच्चों की फीस जैसी जिम्मेदारियां भारी पड़ने लगती हैं। लेकिन 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए श्रम संहिता ने इस चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है।
नौकरी छोड़ने के बाद महीनों तक फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए इंतजार… HR को बार-बार मेल… अकाउंट में पैसे कब आएंगे की टेंशन, अब ये सब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। नए लेबर कोड के साथ कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी राहत सामने आई है।
भारत में गिग-इकोनॉमी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अब आपके लिए यह खुशी की खबर नहीं हो सकती। नए लागू हुए लेबर कोड्स के तहत स्विगी, जोमैटो, ओला और उबर जैसी कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी फंड में योगदान देना होगा, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों पर पड़ सकता है।
भारत में नौकरी की दुनिया बदलने वाली है खासकर उन युवाओं के लिए, जो पहली बार करियर की दौड़ में कदम रख रहे हैं। 21 नवंबर 2025 से केंद्र सरकार के चार नए श्रम संहिता (लेबर कोड) लागू हो चुके हैं, जिन्होंने पुराने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों की जगह ले ली है।
देश के 40 करोड़ से ज्यादा नौकरी करने वाले लोगों के लिए 21 नवंबर (शुक्रवार) का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को हटाकर उनकी जगह 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं।
आहूजा ने ठेकेदारों द्वारा अपंजीकृत मजदूरों से काम कराने के मामले बढ़ने से पैदा हो रही चुनौतियों से निपटने के तरीके पर बात की। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं के लिए ठेकेदारों को अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप इन श्रमिकों को व्यापक लाभ प्रदान करना होगा।
New Labour Code: काम करने वाले कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार (Central Government) के तरफ से जल्द एक अच्छी खबर मिलने वाली है।
New Labour Codes : यदि एक जुलाई से नया लेबर कोड लागू हो जाता है तो इसका असर नौकरी पेशा लोगों की साप्ताहिक छुट्टियों और से लेकर उनकी सैलरी तक पर पड़ेगा।
इससे पहले पहले नए लेबर कोड को अप्रैल 2022 से लागू करने की बात कही जा रही थी, लेकिन इन्हें लागू नहीं किया जा सका।
श्रम मंत्रालय की औद्योगिक संबंध, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता को एक अप्रैल, 2021 से लागू करने की योजना थी।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और उत्तराखंड ने नियमों का मसौदा पहले ही जारी कर दिया है।
अगर श्रम संहिताएं एक अप्रैल से अमल में आती तो कर्मचारियों के खाते में आने वाला वेतन जरूर कम होता लेकिन सेवानिवृत्ति मद यानी भविष्य निधि में उनका ज्यादा पैसा जमा होता।
सरकार नए कानूनों में ओवरटाइम के लिए मौजूदा समय सीमा को बदल सकती है। नए श्रम कानूना के तहत निर्धारित समय से 15 मिनट ज्यादा काम करने पर भी कर्मचारी ओवरटाइम के लिए पात्र माने जाएंगे।
भारत सरकार जल्द ही कंपनियों को चार-दिवसीय कार्य सप्ताह के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दे सकती है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय नए श्रम कोड पर काम कर रहा है, जो तीन दिन के सप्ताहांत के लिए रास्ता बनाएगा, लेकिन काम के घंटे को 48 घंटे पर रखेगा, जिसका अर्थ है कि कर्मचारी लंबे शिफ़्ट के अधीन हो सकते हैं।
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