साल 2026 का बजट सिर्फ नए आर्थिक प्रस्तावों और टैक्स लाभों तक ही सीमित नहीं रहेगा। सीनियर सिटीजन्स यानी बुजुर्ग यात्रियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय रेलवे फिर से सीनियर सिटीजन कंसेशन को बहाल करने की तैयारी कर रहा है।
महंगाई के इस दौर में आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता उसकी जेब बन गई है। ऐसे में बजट 2026 से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। होम लोन की बढ़ती EMI हो या इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद, मिडिल क्लास की नजरें सरकार पर टिकी हैं।
उद्योग जगत को उम्मीद है कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
बजट 2026 को लेकर आम जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासकर मिडिल क्लास और छोटे परिवारों की नजर इस बार ऐसे कदमों पर टिकी है जो उनकी जेब पर सीधे असर डालें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट में आम आदमी के रोजमर्रा के खर्चों में भी राहत के संकेत हैं।
फूड डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लाखों वर्कर्स आज देश की अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी बन चुके हैं। लेकिन लचीले काम के साथ जुड़ी अनिश्चित आमदनी, बढ़ती महंगाई और जलवायु संकट ने इन वर्कर्स की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
करदाताओं के लिए जानकारों की यही सलाह है कि अपनी आय, कटौतियों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर दोनों रेजिम की तुलना जरूर करें और उस आधार पर रेजिम तय करें।
महंगाई और बढ़ती निर्माण लागत के दौर में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों लोगों के लिए बजट 2026 राहत भरी खबर लेकर आ सकता है। माना जा रहा है कि इस बार का बजट आर्थिक विकास को गति देने पर केंद्रित होगा, जिसमें विनिर्माण के साथ-साथ आवास क्षेत्र के लिए भी बड़े ऐलान संभव हैं।
बजट 2026 से पहले टैक्स विशेषज्ञ और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स कह रहे हैं कि शादीशुदा जोड़ों को एक साथ देखा जाना चाहिए और उनकी टैक्स फाइलिंग भी मिलकर होनी चाहिए। इसी वजह से जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम पर चर्चा शुरू हो गई है, जो शादीशुदा जोड़ों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के लिए टैक्स-फ्री छूट सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करना चाहिए।
रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी बजट 2026 में सामने आ सकती है। लंबे समय से कर्मचारियों की ओर से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग उठ रही है और अब संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बजट में इसे बढ़ाने का ऐलान किया जा सकता है।
यूनियन बजट 2026 से पहले देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स की नजरें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। बीते कुछ सालों से सरकार का साफ संदेश रहा है कि मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स की जेब में ज्यादा पैसा बचे, ताकि खपत बढ़े और इकोनॉमी को रफ्तार मिले।
बजट 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे देश के क्रिप्टो निवेशकों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। बीते कुछ सालों से भारी टैक्सेशन और सख्त नियमों के बीच फंसा भारतीय क्रिप्टो सेक्टर अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।
यूनियन बजट 2026 से पहले देशभर के टैक्सपेयर्स की नजरें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हुई हैं। 1 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट से एक बार फिर उम्मीद की जा रही है कि सरकार आम आदमी को टैक्स के मोर्चे पर राहत दे सकती है।
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