एसआईपी में कंपाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है। यही वजह है कि इसमें लंबे समय तक निवेश जारी रखने से ज्यादा फायदा मिलता है।
एसआईपी में जितने ज्यादा समय के लिए निवेश जारी रखा जाएगा, आपको उतना ही ज्यादा मुनाफा मिलेगा, क्योंकि इसमें कंपाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है।
एसआईपी से आपको कितना रिटर्न मिलेगा, ये पूरी तरह से शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर बाजार में तेजी बनी रहती है तो आपको बेहतर रिटर्न मिलेगा।
एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की जानकारी दी। इसका मुख्य कारण निश्चित आय वाली योजनाओं से भारी मात्रा में निकासी थी।
निवेशकों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा कि एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है। लेकिन, लंबी अवधि में नुकसान होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
म्यूचुअल फंड्स सीधे तौर पर शेयर बाजार में होने वाले कारोबार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में, शेयर बाजार में की अस्थिरता ने निवेशकों के म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो को भी अस्थिर कर दिया।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मैनेज किया हुआ है।
एसआईपी कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
मासिक आधार पर म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सितंबर के 7.5 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर में आईटी शेयरों में अपना निवेश बढ़ाकर 7.6% कर दिया है।
शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से सिर्फ स्टॉक पोर्टफोलियो ही नहीं बल्कि म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो पर भी काफी बुरा असर पड़ा है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली के दौरान, कुल 522 में से 407 फंड्स ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
एसआईपी को आप जितने लंबे समय के लिए चलाएंगे, आपको उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा। एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।
एसआईपी को आप जितने लंबे समय के लिए चलाएंगे, आपको उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा। एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।
म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार का काफी रिस्क है, लेकिन एक बात ये भी सच है कि इसमें शेयर बाजार से ही मोटी कमाई भी होती है।
केनरा रोबेको लार्ज एंड मिड कैप फंड, जिसे पहले केनरा रोबेको इमर्जिंग इक्विटिज फंड के नाम से जाना जाता था, इस फंड ने 10,000 रुपये की एसआईपी को 1.89 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड में बदल दिया।
ये बात तो तय है कि म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार का काफी रिस्क है, लेकिन इसमें शेयर बाजार से ही मोटी कमाई भी होती है। इसके अलावा, एसआईपी में आपको कंपाउंडिंग का भी भरपूर फायदा मिलता है।
एचडीएफसी के फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने लॉन्च के बाद से अभी तक करीब 31 साल में 10,000 रुपये की एसआईपी को 21.50 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड में तब्दील किया है।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को हरा-भरा बनाए हुए हैं।
एसआईपी में पैसा लगाने से पहले आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि इसमें जितने लंबे समय के लिए निवेश करेंगे, आपको उतना ही ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि कंपाउंडिंग का पूरा मजा लंबी से लंबी अवधि में ही मिलता है।
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