संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समाज को सशक्त बनाकर सामुदायिक कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मोहन भागवत ने कहा कि न्याय, स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
एक कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत से पूछा गया कि वह अब तक प्रधानमंत्री या किसी अन्य पद पर क्यों नहीं बैठे? अब मोहन भागवत का जवाब काफी वायरल हो रहा है।
केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि इससे पहले RSS की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान था।
पिछले दिनों ही केंद्र सरकार ने 1975 के आपातकाल के विरोध में 'संविधान हत्या दिवस' मनाए जाने का ऐलान किया था। इसी को लेकर नागपुर में RSS की महिला सहयोगी संगठन राष्ट्रीय सेविका समिति ने एक प्रस्ताव पारित किया है।
मोहन भागवत ने कहा कि कुछ शक्तियां हमें बांटना चाहती हैं। दुनिया में ऐसी भी ताकते हैं जो चाहते हैं कि भारत बलवान न बने। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग हम सब मन से एक हैं।
नागपुर में कल से RSS का तृतीय शिक्षा वर्ग शुरू होगा। आरएसएस ने इस साल से अपने आंतरिक प्रशिक्षण प्रणाली में बदलाव किया है, अब व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वयंसेवकों को फील्ड ट्रेनिंग भी देगा।
नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम आज धर्म क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। यह शक्ति कहां से आई, यह शक्ति हमेशा थी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज कई राज्यों के क्षेत्र प्रचारकों के साथ बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। ये मीटिंग पंजाब के जालंधर में होगी। मीटिंग रात 10 बजे तक चलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में एक राय्कर्म में कहा कि हमारा समाज धीरे-धीरे अधिक अच्छा, अधिक अच्छा होता चला जा रहा है। जितनी नकारात्मक बातें हो रही हैं उससे ज्यादा अच्छी बातें चल रही हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में सिर्फ भारत में ही कुटुंब व्यवस्था बची है। पूरी दुनिया में यह खत्म हो रही है।
आज हिंदुस्तान ने अंतरिक्ष में वो इतिहास रच दिया है जिसे आने वाले सैकड़ों सालों तक याद किया जाएगा. जो अमेरिका, रूस, चीन अरबों रुपये खर्च करके नहीं कर पाए, वो भारत के साइंटिस्ट ने कर दिखाया
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बेंगलुरु में झंडा फहराने के बाद अपने संबोधन में कहा कि पूरी दुनिया को प्रकाशित करने के लिए भारत स्वतंत्र हुआ।
कांग्रेस की राज्य सरकार स्कूलों की किताबों से RSS के संस्थापक की जीवनी को हटाने का प्लान बना रही है। वहीं, बीजेपी ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार ऐसा करती है तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने केशव बलिराम हेडगेवार को लेकर कहा कि उन्होंने कहा था कि एक घंटा रोजाना शाखा में आओ। उस समय लोगों ने यह सवाल उठाया था कि एक घंटे से क्या होगा। तत्व और व्यवहार को साथ लेकर चलना है।
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा, ब्रिटिश शासन से पहले हमारे देश की 70% आबादी शिक्षित थी और कोई बेरोजगारी नहीं थी, जबकि इंग्लैंड में सिर्फ 17% लोग शिक्षित थे।
मोहन भागवत ने कहा, हमारा धर्म विज्ञान के अनुसार चलता है और विज्ञान को इंसान के लिए लाभकारी होने के लिए उस धर्म की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास परंपरागत रूप से जो है, उसके बारे में हर व्यक्ति के पास कम से कम मूलभूत जानकारी होनी चाहिए।
Ramcharitmanas Row : 24 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी की सियासत में वर्ण को लेकर ज़बरदस्त रण छिड़ा है. समाजवादी पार्टी के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य का मानस विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. #ramcharitmanasrow #mohanbhagwat
Mohan Bhagwat Speech : RSS चीफ मोहन भागवत ने मुंबई में जातिवाद पर बड़ा बयान दिया है. मोहन भागवत ने कहा कि कास्ट सिस्टम भगवान का बनाया हुआ नहीं है. #mohanbhagwat #rsschiefmohanbhagwat #mohanbhagwatspeech
मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दू और मुसलमान सभी एक ही हैं। समाज और धर्म को द्वेष की नज़र से मत देखो। गुनी बनो, धर्म का पालन करो।
RSS की कोशिश अब एक कदम और आगे बढ़ गई है और इसमें मुस्लिम उलेमा भी जुड़ गए हैं। इन्हीं कोशिशों के तहत नए साल में 14 जनवरी को आरएसएस नेताओं की मुस्लिम बुद्धिजीवियों और उलेमाओं के साथ तीन घंटे की लंबी मैराथन बैठक हुई।
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