आगरा: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आज अपनी पत्नी डिंपल यादव के साथ आगरा स्थित फतेहपुर सीकरी में सलीम चिश्ती दरगाह पर चादर चढ़ाई। इस दौरान उनके साथ जया बच्चन भी मौजूद रहीं।
फतेहपुर सीकरी से क्या बोले अखिलेश यादव?
अखिलेश यादव ने कहा, "जो हमारी हिंदुस्तानियत है, मिली जुली संस्कृति है, एक दूसरे के प्रति हम लोग का लगाव इस देश में और बढ़े, ऐसी ही हमारी कामना है यहां से। आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को हम लोग याद करते हैं। उन्होंने जो संविधान दिया उसकी वजह से हमको हक और सम्मान मिल रहा है, संविधान की किताब PDA के लिए किस्मत की किताब है।"
अखिलेश यादव ने कहा, "सरकार यह समझ ले कि अगर उद्योगपति ताकतवर होंगे तो हमको आपको फेस करना पड़ेगा। सरकार ताकतवर हो, उद्योगपति ताकतवर ना हो, यह सरकार को सोचना चाहिए। हम लोगों ने भी बीजेपी से सीख लिया है समीकरण बनाना। इस बार आगरा ऐतिहासिक परिणाम समाजवादियों के पक्ष में देने जा रहा है।"
अखिलेश ने बांधा मन्नत का धागा
सलीम चिश्ती दरगाह पर चादर चढ़ाने के साथ ही अखिलेश यादव ने यहां मन्नत का धागा भी बांधा। साल 2012 में भी अखिलेश यादव ने यहां मन्नत का धागा बांधा था।
वहीं बाबरी विध्वंस की तारीख पर अखिलेश के दरगाह पहुंचने का मामला काफी चर्चा में रहा। अब इस मामले पर सियासत भी शुरू हो सकती है।
बता दें कि अखिलेश यादव शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पहुंचे। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। अखिलेश ने दरगाह में देश के अमन चैन के लिए दुआ की।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने SIR को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार वोट बढ़ाने के स्थान पर वोट कटवा रही है। आगरा के आने वाले समय में समीकरण बदलेंगे। हमने बीजेपी से समीकरण बनाना सीख लिया है। हम भी उन साथियों को मौका देंगे, जो जनता के बीच ज्यादा काम कर रहे हों।


