Friday, January 02, 2026
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बहराइच हिंसा में युवक की मौत के बाद बवाल, 4-5 घरों में आगजनी, विधायक के आश्वासन पर अंतिम संस्कार के लिए माने परिजन

बहराइच हिंसा में युवक की मौत के बाद जमकर पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद परिजनों ने धरना दिया। विधायक के कहने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए हैं।

Reported By : Vishal Singh Edited By : Shakti Singh Published : Oct 14, 2024 11:21 am IST, Updated : Oct 14, 2024 01:10 pm IST
Mahasi protest- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV महसी तहसील पर धरना (बाएं) मृत युवक (दाएं)

उत्तर प्रदेश के बहराइच में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान युवक की मौत पर जमकर बवाल हुआ। लगभग पांच हजार लोगों ने चारपाई में शव लेकर तहसील महसी में धरना प्रदर्शन किया। धरने के लिए पहुंचे लोगों के हाथ में लाठी-डंडे भी थे। ऐसे में जमकर आगजनी हुई। 4-5 घरों के अलावा शो रूम, अस्पताल और कई गाड़ियों को आग के हवाले किया गया। हालांकि, विधायक सुरेश्वर सिंह के आश्वासन पर महसी तहसील गेट पर प्रदर्शन कर रहे मृतक के परिजन अंतिम संस्कार करने के लिये राजी हो गए। सीएम योगी के निर्देश पर एसीएस होम एवं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मौके पर पहुंचे। इस मामले में 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। 

बहराइच जिले के महाराजगंज बाजार में रविवार को विसर्जन के दौरान पथराव और आगजनी के बाद गोली कांड में युवक की मौत हो गई थी। राम गांव थाना क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में पथराव और आगजनी हुई थी। इसके बाद योगी सरकार एक्शन में आई और लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही बहराइच की सीमाएं सील कर दी गई हैं। बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात है ताकि यहां आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा सके और किसी अराजक तत्व को जिले में प्रवेश न मिले। मामला शांत होने तक जिले की सीमाओं पर पुलिस तैनात रह सकती है।

क्या है मामला?

रेहुआ मसूर गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए जा रहे थे। इस बीच दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने डीजे की तेज आवाज को लेकर शिकायत की और तनाव बढ़ गया। मामला बढ़ने पर पत्थरबाजी होने लगी और आगजनी भी हुई। इस दौरान पुलिसकर्मी हालात काबू में नहीं कर सके और हालात बिगड़ते गए। पत्थरबाजी और आगजनी के बाद गोलीबारी भी हुई, जिसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा घायल हुए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। राम गोपाल की मौत के बाद मामला और बढ़ गया है। हजारों की संख्या में गांव के लोग उनका शव लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठी-डंडे भी हैं। उन्होंने अस्पताल और शो रूम में आगजनी की है। घरों को भी आग के हवाले किया गया है और कारों में भी आग लगाई गई है।

पुलिस प्रशासन लाचार

धरना प्रदर्शन के लिए निकले लोगों की तुलना में पुलिसकर्मियों की संख्या बेहद कम है। लिहाजा पुलिस हालात को काबू करने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और एफआईआर भी हो चुकी है, जिसमें छह नामजद आरोपी हैं। योगी आदित्यनाथ ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कहते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

इनपुट- बच्चे भारती

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