पीलीभीतः पीलीभीत में टाइगर रिजर्व से निकलकर न्यूरिया क्षेत्र के गांवों में तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को वन विभाग की टीम ने डंडिया गांव से सफलतापूर्वक गुरुवार शाम को ट्रेंकुलाइज (पकड़) लिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाघिन लगभग एक दर्जन गावों में चहल कदमी कर रही थी।
बाघिन ने तीन लोगों को उतारा था मौत के घाट
जानकारी के अनुसार, थाना न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम मेवातपुर में नौ जून को बाघिन ने अपना निशाना 40 वर्षीय मुकेश कुमार को बनाया था। इसके बाद जमकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। 14 जुलाई को गांव फुलहर निवासी किसान 50 वर्षीय दयाराम को खेत की रखवाली करने के दौरान मौत के घाट उतार दिया था। 17 जुलाई को बाघिन ने खेत पर भिंडी तोड़ रही गांव सैजना निवासी मीना देवी पत्नी काली चरण के ऊपर हमला कर दिया। ग्रामीणों के चीख-पुकार के बाद बाघिन महिला को छोड़कर खेत की ओर चली गई।
ग्रामीणों ने किया था हंगामा
इसके दो घंटे के बीच खेत पर काम कर रहें ग्राम मंडरिया निवासी 17 वर्षीय निलेश के ऊपर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव की सीमा में पशुओं के लिया चारा काट रही 50 वर्षीय तृष्णा पत्नी कालीचरण को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था।
गन्ने के खेत में बाघिन की लोकेशन ड्रोन कैमरें में ट्रेस हुई
बहरहाल लगातार वन विभाग की 20 निगरानी टीमें बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई थी। गुरुवार सुबह डांडिया गांव में गन्ने के खेत में बाघिन की लोकेशन ड्रोन कैमरें में ट्रेस हुई। इसके बाद पीपी सिंह वन संरक्षक बरेली, रमेश चंद फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ टाइगर रिजर्व मनीष सिंह, डीएफओ सामाजिक वानिकी भरत कुमार डीके के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। देर शाम लगभग वन विभाग को सफलता मिल गई।
रिपोर्ट- कुलदीप कल्प, पीलीभीत