कानपुर में सरकारी कार्यालयों पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। शुक्रवार को नगर निगम ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय को हाउस टैक्स के भारी बकाया के कारण सील कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही कार्यालय पर 58.62 लाख रुपये के बकाया हाउस टैक्स का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। इस घटना से DIOS कार्यालय का पूरा कामकाज ठप हो गया, जिसके कारण शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों को लगा झटका
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे जब DIOS कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी पहुंचे तो उन्हें बड़ा झटका लगा। पूरा कार्यालय सील पड़ा था और मुख्य द्वार पर नगर निगम की ओर से लगाया गया नोटिस साफ-साफ बता रहा था कि संयुक्त शिक्षा निदेशक (JD) कार्यालय का हाउस टैक्स बकाया है। हालांकि, सील किया गया DIOS कार्यालय ही था, जो कि भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। कर्मचारियों और शिक्षकों ने कार्यालय के बाहर खड़े होकर अपनी निराशा जाहिर की। कई ने फोटो खींचकर इस स्थिति को सोशल मीडिया पर शेयर किया।
सील होने के बाद DIOS अधिकारी और कर्मचारी ठीक बगल में स्थित जीआईसी (गवर्नमेंट इंटर कॉलेज) परिसर में बने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक (JD) कार्यालय में शिफ्ट हो गए। यहां उन्होंने अस्थायी रूप से अपना काम शुरू किया, लेकिन DIOS कार्यालय से जुड़े दस्तावेज, फाइलें और मूल्यांकन संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए। मूल्यांकन, स्कूल निरीक्षण, शिक्षक स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक कार्य रुक गए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
तत्काल जांच की जरूरत- वित्त एवं लेखाधिकारी
DIOS कार्यालय की वित्त एवं लेखाधिकारी खुशबू सोनी ने बताया कि नगर निगम ने हाउस टैक्स बकाया होने का दावा करते हुए सील किया है, लेकिन नोटिस में स्पष्ट रूप से संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय का जिक्र है। उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी या गलत नोटिस हो सकता है, क्योंकि DIOS और JD के कार्यालय अलग-अलग हैं। इस मामले में तत्काल जांच की जरूरत है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका कार्यालय जीआईसी कैंपस में स्थित है और नया भवन निर्माणाधीन है। उन्होंने इसे गलत हाउस टैक्स नोटिस बताया और कहा कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है। DIOS को नगर निगम भेजा गया है ताकि सील जल्द खुल सके और सामान्य कामकाज बहाल हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
क्यों हो रही कार्रवाई?
बताते चले बकाया वसूली अभियान के तहत नगर निगम कानपुर द्वारा सरकारी और निजी संपत्तियों पर सख्ती बरती जा रही है। इससे पहले भी कई सरकारी कार्यालयों और बड़े बकायेदारों पर ऐसी कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, इस बार DIOS जैसे महत्वपूर्ण शिक्षा विभाग के कार्यालय पर सील लगने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या नगर निगम ने सही पता और बकायेदार की पहचान की जांच पूरी तरह की? यदि नोटिस JD कार्यालय के लिए था तो DIOS को सील करना उचित नहीं था।
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल उनका काम प्रभावित होता है, बल्कि हजारों छात्रों और शिक्षकों से जुड़े काम रुक जाते हैं। वे मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय हो ताकि ऐसी गलतियां न हों। फिलहाल, DIOS कार्यालय सील होने से शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सील कब खुलता है और बकाया का विवाद कैसे सुलझता है।
(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)