उत्तर प्रदेश के कानपुर में मामूली बाइक टक्कर से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में खूनी वारदात में बदल गया था। पिता और पुत्र की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को पुलिस ने सोमवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी करण वर्मा के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि उसके साथ मौजूद उज्ज्वल अवस्थी और समीर गौतम को पुलिस ने मौके से पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शहर छोड़कर भागने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे सूचना मिली कि हत्या के मामले में फरार आरोपी हमीरपुर रोड की तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी गई। पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने भागने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान मुख्य आरोपी करण ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें करण के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया गया।
शहर से बाहर जाने की फिराक में थे आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने वारदात से जुड़े कई अहम तथ्यों की जानकारी दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अपने एक साथी समीर गौतम की मदद से शहर से बाहर निकलने की फिराक में थे। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
बाइक टकराने से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, पूरी घटना रविवार रात यशोदा नगर बाईपास इलाके में हुई थी। पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा के अनुसार, चकेरी थाना क्षेत्र के कोयला नगर स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी शिवनारायण तिवारी अपने दोनों बेटों शिवम और सत्यम के साथ काम खत्म कर घर लौट रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। बताया गया कि वे विराट नगर स्थित वृंदावन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे थे, तभी शराब ठेके के पास से निकले अपाचे बाइक सवार युवकों की बाइक उनकी बाइक से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने आक्रामक रुख अपना लिया। आरोपियों ने पहले हेलमेट और लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद ईंटों और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। हमले में शिवनारायण तिवारी और उनके दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव की कोशिश की। इस दौरान लोगों ने एक आरोपी शिवा वर्मा को पकड़ लिया और उसकी पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पिता-पुत्र की मौत, दूसरा बेटा गंभीर
घायलों को तत्काल हैलट अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिवनारायण तिवारी और उनके बेटे शिवम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे बेटे सत्यम की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक मृतकों के सीने, पेट और चेहरे पर चाकुओं के कई गहरे घाव मिले हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पत्नी सुधा त्रिवेदी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिस तरह उनके परिवार को खत्म कर दिया गया, उसी तरह अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
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