सावन का महीना, भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ पवित्र समय, जब लाखों कांवड़िए गंगा जल लेकर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ अपने तीर्थ स्थानों की ओर बढ़ते हैं। इस दौरान भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिलता है। लेकिन इस बार सावन में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के मन में एक सवाल छोड़ दिया है। दरअसल, वीडियो में एक शख्स राह चलते कांवड़ियों को खैनी बांटता नजर आ रहा है, और इसने लोगों को यह सवाल पूछने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भगवान शिव शख्स के इस कार्य को पुण्य की श्रेणी में गिनेंगे या नहीं?
वायरल वीडियो का माजरा
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जहां देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क किनारे खड़ा है और कांवड़ियों को खैनी बांट रहा है। कांवड़िए, जो आमतौर पर इस पवित्र यात्रा में भक्ति और संयम का पालन करते हैं, शख्स के इस पेशकश पर वे अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे हंसते हुए स्वीकार कर रहे हैं, तो कुछ इसे अनदेखा कर आगे बढ़ जा रहे हैं।
वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
वीडियो के वायरल होने के बाद, नेटिजन्स ने अपनी-अपनी राय देनी शुरू कर दी। कुछ यूजर्स ने इसे मजेदार बताते हुए कहा कि यह सावन की मस्ती का हिस्सा है। एक यूजर ने लिखा, “सावन में भोले बाबा सब माफ करते हैं, शायद ये भी पुण्य ही होगा!” वहीं, कुछ लोगों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सवाल उठाया कि क्या खैनी जैसी नशीली चीज बांटना भक्ति के माहौल में उचित है। एक अन्य यूजर ने कमेंट किया और लिखा, “कांवड़ यात्रा संयम और तपस्या का प्रतीक है। ऐसे में खैनी बांटना भगवान शिव की भक्ति का अपमान है।”
वीडियो को लेकर यह सवाल है कि खैनी बांटने का यह कार्य पुण्य है या पाप? यह बात व्यक्तिगत और धार्मिक दृष्टिकोण पर निर्भर करती है। भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, जो अपने भक्तों की छोटी-छोटी भूलों को भी माफ कर देते हैं। लेकिन कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र अवसर पर नशीले पदार्थों को प्रोत्साहित करना उचित नहीं माना जा सकता।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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