Bull Red Colour Myth Science: ज्यादातर लोगों ने इस मिथक को जरूर सुना होगा कि सांड के आगे कभी लाल रंग का कपड़ा पहनकर नहीं जाना चाहिए, वर्ना वह भड़ककर हमला कर सकता है। लेकिन यह सच नहीं है। सांड, लाल रंग देखने में सक्षम ही नहीं होते हैं तो उनके लाल रंग से भड़कने की बात ही गलत साबित होती है। इस खबर में जानिए सांड, लाल रंग क्यों नहीं देख पाते हैं।
लाल रंग क्यों नहीं देख सकता सांड?
सांड को लाल रंग गुस्सा नहीं दिलाता है। दरअसल, स्वस्थ मनुष्यों के मुकाबले सांड आंशिक रूप से Colour Blind होते हैं, इसलिए वे लाल रंग को नहीं देख सकते हैं। अमेरिका की कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टेंपल ग्रैंडिन की किताब 'Improving Animal Welfare' के मुताबिक, मवेशियों में लाल रेटिना रिसेप्टर नहीं होते हैं और वे केवल हरे, नीले, पीले और बैंगनी रंग को ही देख पाते हैं।
फिर बुलफाइटिंग में लाल कपड़े का इस्तेमाल क्यों?
बुलफाइटिंग में प्रयोग होने वाले कपड़े का रंग लाल रखने की वजह सांड नहीं है। गहरे लाल रंग का कपड़ा, बुलफाइटिंग के दौरान खून के धब्बों को छिपाने में मददगार रहता है। इसीलिए लाल रंग का कपड़ा इस्तेमाल किया जाता है। शायद इसी वजह से दुनियाभर में समझा जाने लगा कि लाल कपड़ा देखकर सांड गुस्से में आ जाता है और मारने को दौड़ता है। लेकिन ऐसा सच नहीं है।
बुलफाइटिंग में सांड को कैसे दिलाया जाता है गुस्सा?
ये भी कहा जाता है कि सांड को लाल रंग का कपड़ा देखकर गुस्सा नहीं आता है बल्कि उसे कपड़ा अचानक लहराकर और अन्य हरकतों से गुस्सा दिलाया जाता है। इसी वजह से वह मारने को दौड़ता है। बुलफाइटिंग एक मशहूर खेल है। यह प्रमुख रूप से स्पेन, दक्षिणी फ्रांस और पुर्तगाल में आयोजित होता है। कई लैटिन अमेरिकी देशों जैसे- कोलंबिया, पेरू, वेनेजुएला और इक्वाडोर में भी इसको पसंद करने वाले काफी लोग हैं।
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