1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. ब्रिटेन ने पकड़ ली रूस की चालाकी! ब्रिटिश जलक्षेत्र में गुप्त पनडुब्बी अभियान चलाने का लगाया आरोप

ब्रिटेन ने पकड़ ली रूस की चालाकी! ब्रिटिश जलक्षेत्र में गुप्त पनडुब्बी अभियान चलाने का लगाया आरोप

 Published : Apr 09, 2026 07:12 pm IST,  Updated : Apr 09, 2026 07:44 pm IST

ब्रिटेन ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्रिटेन का कहना है कि उसने रूसी हमलावर पनडुब्बियों पर नजर रखी और उनके अभियानों को नाकाम कर दिया है। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।

Russian Submarine- India TV Hindi
Russian Submarine Image Source : AP

लंदन: ब्रिटेन ने गुरुवार को रूस पर अपने जलक्षेत्र के अंदर और आसपास गुपचुप तरीके से हमलावर पनडुब्बी अभियान चलाने का आरोप लगाया। ब्रिटेन ने कहा कि उसके सशस्त्र बलों ने इन अभियानों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि ब्रिटिश विमानों और युद्धपोतों ने कुछ हफ्ते पहले 'हाई नॉर्थ' (सुदूर उत्तरी क्षेत्र) में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश करती हुई एक रूसी हमलावर पनडुब्बी की पहचान की थी और उसकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी थी।

पीएम स्टार्मर ने दिखाया सख्त रुख

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, "मैं ब्रिटिश लोगों को पुतिन की आक्रामकता से बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। यही कारण है कि हम कार्रवाई करने और रूस की उन अस्थिर करने वाली गतिविधियों को बेनकाब करने से पीछे नहीं हटेंगे, जो हमारे संकल्प की परीक्षा लेना चाहती हैं।" उन्होंने कहा, "हमारे सशस्त्र बल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बलों में से हैं, और ब्रिटिश जनता को इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि यह सरकार हमारी राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए वह सब कुछ करेगी जो जरूरी है, फिर चाहे दुनिया में कहीं भी इसकी आवश्यकता क्यों ना हो।"

सैन्य कर्मियों ने तुरंत की पनडुब्बी की पहचान

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैन्य कर्मियों ने तुरंत यह पता लगा लिया कि रूसी पनडुब्बी को ध्यान भटकाने के लिए तैनात किया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने सहयोगी देशों, जिनमें नॉर्वे भी शामिल है के साथ मिलकर काम किया, ताकि 'डीप सी रिसर्च के मुख्य निदेशालय' (जिसे GUGI के नाम से जाना जाता है) की अन्य रूसी समुद्री नौसैनिक इकाइयों की पहचान और निगरानी की जा सके। रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा, "जब कई लोगों की नजरें मध्य पूर्व पर टिकी हुई थीं, हमारे ब्रिटिश सशस्त्र बल साथ ही साथ उत्तर में बढ़ते रूसी खतरों का जवाब दे रहे थे।" 

'होंगे गंभीर परिणाम'

हीली ने ही डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अभियान का विवरण सार्वजनिक करते हुए कहा कि "जैसे-जैसे हम मध्य पूर्व में अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए कार्रवाई कर रहे हैं, हम 'हाई नॉर्थ' में NATO (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के लिए बढ़ते खतरों से भी निपट रहे हैं, यूक्रेन को अपना मजबूत समर्थन जारी रखे हुए हैं और क्षेत्र की रक्षा कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "पुतिन से मैं यह कहता हूं, हम तुम्हें देख रहे हैं, हम अपने समुद्री-तल बुनियादी ढांचे के ऊपर तुम्हारी गतिविधियों को देख रहे हैं। तुम्हें यह जान लेना चाहिए कि इसे नुकसान पहुंचाने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।"

Russian Submarine
Image Source : APRussian Submarine

फाइबर ऑप्टिक केबल पर थी नजर

ब्रिटेन ने कहा कि उसकी इस खुली कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रूसी इकाइयों को यह पता चल जाए कि उन पर नजर रखी जा रही है। कहा जा रहा है कि GUGI यूनिट्स और अकुला क्लास सबमरीन, दोनों ही "अपने ऑपरेशन को गुपचुप तरीके से पूरा करने में नाकाम रहने के बाद, अब अपने देश लौट गई हैं।" माना जा रहा है कि उनका निशाना समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल थीं, जो सभी डिजिटल संचार के लिए जरूरी हैं। इन केबलों के जरिए 99 प्रतिशत से ज्यादा इंटरनेशनल डेटा ट्रैफिक (जिसमें वॉइस कॉल और इंटरनेट डेटा शामिल है) गुजरता है। यह दुनिया भर की बैंकिंग, व्यापार और संचार व्यवस्था का आधार है।

तैयार हैं ब्रिटेन के जहाज और विमान

मंत्रालय ने बताया कि जब यह हमलावर सबमरीन ब्रिटिश समुद्री सीमा के पास काम कर रही थी, तो रॉयल नेवी ने उस पर नजर रखने के लिए एक Type 23 फ्रिगेट (HMS St Albans), RFA Tidespring और Merlin हेलीकॉप्टर तैनात किए थे। RAF के P8 विमानों के साथ मिलकर काम करते हुए, इस सबमरीन पर 24 घंटे नजर रखी गई। मंत्रालय ने कहा, "हालांकि रूसी हमलावर सबमरीन अब रूस की ओर लौट गई हैं, फिर भी ब्रिटेन ने अपने नौसैनिक जहाजों और विमानों को पूरी तरह तैयार रखा है, ताकि अगर रूसी जहाज दोबारा लौटते हैं, तो उन्हें तुरंत जवाब दिया जा सके।"

GUGI बारे में जानें

GUGI को रूस का एक लंबे समय से चल रहा सैन्य कार्यक्रम बताया गया है। इसका मकसद ऐसी क्षमताएं विकसित करना है, जिन्हें खास तरह के समुद्री जहाजों और सबमरीनों से तैनात किया जा सके। इन क्षमताओं का इस्तेमाल शांति के समय समुद्र के नीचे मौजूद बुनियादी ढांचे का सर्वे करने के लिए किया जाता है, लेकिन युद्ध की स्थिति में इसी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने या पूरी तरह तबाह करने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रिटेन ने कहा है कि वह पूरी तरह से अलर्ट पर है और समुद्र के नीचे की सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है। 

यह भी पढ़ें:

जलमार्ग को हथियार बनाना बर्दाश्त नहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की मनमानी पर भड़का UAE

चीन ने ईरान की सेना को मदद देने की बात से किया इनकार, सफाई में कही बड़ी बात

 
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश