Shashi Tharoor Video: कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर को English की बेहतरीन समझ के लिए भी जाना जाता है। उनके द्वारा बताए और बोले गए क्लिष्ट अंग्रेजी शब्दों को सुनने के बाद आम लोग कई बार सोच में पड़ जाते हैं और गूगल पर उसका मतलब ढूंढ़ने लग जाते हैं। इस बार शशि थरूर एक बार फिर अपने मजाकिया अंदाज में सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए कांग्रेस सांसद ने इंग्लिश भाषा की विचित्रताओं और विरोधाभासों पर प्रकाश डाला है। इस वीडियो को अब तक लाखों लोगों ने देखा है और शशि थरूर के वर्तनी सुधार पर हैरत जताई है।
इंस्टाग्राम पर @shashitharoor नामक हैंडल से शेयर किए गए इस वीडियो में शशि थरूर अंग्रेज़ी वर्तनी के पीछे के तर्क के बारे में मिले एक विचित्र ईमेल का जवाब देते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे कहते हैं, 'नमस्ते! अभी-अभी एक मजेदार ईमेल मिला है जिसमें लिखा है, मैं जानना चाहता हूं कि जब 20 से 90 तक के अंक ty से खत्म होते हैं, तो 10 को ten क्यों लिखा जाता है, tenty क्यों नहीं?' आगे वे कहते हैं कि मेल में लिखा है कि, 'जब 13 से 19 तक के अंक teen में खत्म होते हैं, तो 11 और 12 को eleventeen और twelveteen क्यों नहीं लिखा जाता?' इन दोनों सवाल पर कांग्रेस सांसद कहते हैं काफी अच्छा सवाल है, लेकिन इसका एक ही आसान जवाब है। अंग्रेजी पूरी तरह से अतार्किक भाषा है।'
कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि, 'अंग्रेजी की वर्तनी और उच्चारण अक्सर तर्क के परे होते हैं। ज़रा अंग्रेजी की वर्तनी और उच्चारण पर गौर कीजिए। मैं इस बारे में अपनी एक पसंदीदा कविता आपके साथ साझा करना चाहता हूं।' कविता में OUGH शब्दों से पैदा होने वाली उलझनों को बताया गया है। शशि थरूर कहते हैं, 'मुझे लगता है कि आप tough, bough, cough और dough के बारे में पहले से ही जानते होंगे। दूसरे लोग hiccup, thorough, rough और through के बारे में लड़खड़ा सकते हैं, लेकिन आप नहीं। देखिए, इन सभी के अंत में OUG H लिखा होता है।' थरूर कई अंग्रेजी शब्दों की मजेदार तुलनाएं भी करते हैं। कविता समाप्त करने के बाद, वह कहते हैं, 'वाह, क्या ही भयानक भाषा है! मैंने पांच साल की उम्र में इसमें महारत हासिल कर ली थी। बात बिलकुल बेतुकी है। बस इसे सीखो, इसकी आदत डालो, इसके साथ मज़े करो। अपना ख्याल रखना।'
जिस वीडियो को कांग्रेस सांसद ने शेयर किया उसके कैप्शन में लिखा था कि, 'जब आपके पास हमेशा उलझन में डालने वाली अंग्रेजी हो, तो तर्क की क्या ज़रूरत है?' इस वीडियो पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'यह कविता ही साबित करती है कि अंग्रेजी पूरी तरह से अराजकता पर टिकी है।' दूसरे ने लिखा कि, 'केवल थरूर सर ही भाषाई भ्रम को काव्यात्मक बना सकते हैं।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'यही कारण है कि अंग्रेजी हर साल छात्रों को बुरे सपने दिखाती है।' एक अन्य यूजर ने कहा कि 'स्पष्टीकरण इतना मनोरंजक था कि मैं भूल गया कि मुझे शिक्षा दी जा रही है।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'इसके बाद, मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि अंग्रेजी का आविष्कार हमें स्थायी रूप से भ्रमित करने के लिए किया गया था।'
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें-
अज़रबैजान का काला सच जिसे सुनते ही जाना छोड़ देंगे भारतीय, पैसा बहाकर घूमने वालों को पछताना पड़ेगा
संपादक की पसंद