Viral News : अमेरिका में डॉलर की मोटी सैलरी और बेहतर अवसर छोड़कर भारत लौटने वाली एक भारतीय टेक प्रोफेशनल की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। अदिति द्विवेदी नामक इस महिला ने थ्रेड्स पर शेयर किए अपने अनुभव में लिखा कि भारत में सैलरी अब उन्हें 'पॉकेट मनी' जैसी लगती है। हालांकि, वीजा की टेंशन से मुक्ति और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की वजह से वे इस फैसले से खुश हैं। पोस्ट देखते ही यूजर्स ने मिक्स्ड रिएक्शन
थ्रेड पर शेयर की पोस्ट
इस पोस्ट का थ्रेड पर @aditi_dwivedi_1188 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें महिला ने बताया कि, उन्होंने ओहायो यूनिवर्सिटी से मास्टर्स पूरा किया और अमेरिका में सात साल से ज्यादा समय तक कॉग्निजेंट जैसी कंपनी में काम किया। 2024 की शुरुआत में वे भारत लौट आईं और अब दिल्ली-एनसीआर में रह रही हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया, 'अमेरिका में रहते हुए वह वीजा संबंधी संभावित समस्याओं को लेकर चिंतित थीं और दिन-रात काम कर रही थीं। भारत में वह काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने पर अधिक ध्यान दे सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संतुलन के लिए कम वेतन की आवश्यकता होती है। अमेरिका में रहते हुए मैंने अपना वीजा सुरक्षित रखने के लिए अथक परिश्रम किया। भारत लौटने के बाद मेरी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। अब मैं काम और निजी जीवन के बीच संतुलन को अधिक महत्व देती हूं, भले ही इसके बदले मुझे कम वेतन मिले।'

सैलरी पॉकेट मनी लगती है
वे कहती हैं कि, 'भारत में मेरी सैलरी जीवनशैली को चलाने के लिए "पॉकेट मनी" जैसी लगती है। इस स्तर पर, मेरा वेतन मेरे जीवनशैली को बनाए रखने के लिए जेब खर्च जैसा लगता है, न कि मेरी आय का मुख्य स्रोत। मैंने यहां कुछ कंपनियों में काम करके देखा है, और सही नौकरी ढूंढना आसान नहीं रहा है, लेकिन कुल मिलाकर, मुझे अब तक का सफर बहुत अच्छा लग रहा है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
कमेंट सेक्शन में लोगों ने भारत और अमेरिका में रहने के फायदे और नुकसान पर विचार-विमर्श किया। एक यूजर ने लिखा कि, 'हर सिक्के के दो पहलू होते हैं! अमेरिका और भारत के बीच स्थानांतरण करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन लगता है आपने सही फैसला लिया है। खुशी है कि आप इस सफर का आनंद ले रहे हैं और काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रख रहे हैं।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'बिल्कुल सही। मैं वहां 11 साल काम करने के बाद वापस आया। यहां का कार्य वातावरण वाकई हानिकारक है। आज भी कई रातें ऐसी होती हैं जब मैं यह सोचते हुए सोता हूं कि क्या मैंने कोई गलती कर दी। लगता है हमें कभी पता नहीं चलेगा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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