Viral Video : दिल्ली में आवारा कुत्तों के प्रति प्रेम और सुरक्षा गार्ड के प्रति हिंसा का एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना राजधानी के एक पॉश सोसाइटी में हुई, जहां एक महिला ने आवारा कुत्ते को भगाने के लिए कह रहे सिक्योरिटी गार्ड को चप्पलों से बुरी तरह पीटा। पूरा घटनाक्रम CCTV और मोबाइल पर कैद हो गया, जो अब लोगों के गुस्से का कारण बन गया है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
एक्स पर इस वीडियो को @Aditya_yadav006 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। दावा किया जा रहा है कि, वीडियो 9 मई की सुबह का है। इसमें पशु कल्याण कार्यकर्ता जसमीत कौर अरोरा वर्दीधारी सुरक्षा गार्ड को लगातार थप्पड़ मारती और चप्पल से पीटती नजर आ रही हैं, जबकि दिल्ली पुलिस के अधिकारी मूक दर्शक बने खड़े हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत थप्पड़ से नहीं हुई थी। उसी सुबह, सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर एक स्थानीय आवारा कुत्ते को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला था। जसमीत के लिए उस बेजान जानवर को देखना और पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होना, उनके लिए असहनीय साबित हुआ।
आवारा कुत्तों के कल्याण का काम कर रही महिला!
दावा है कि, महिला लंबे समय से आवारा कुत्तों के कल्याण के गैर-चकाचौंध भरे क्षेत्र में वर्षों से काम कर रही हैं। जब वह कीर्ति नगर स्टेशन पहुंची और देखा कि कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और गार्ड को बरी कर दिया गया है, तो शांत बचावकर्ता एक हिंसक व्यक्ति में बदल गई। इसके बाद जो शारीरिक झड़प हुई, उसने पशु अधिकारों बनाम मानवीय गरिमा पर एक व्यापक बहस छेड़ दी है।
यूजर्स ने किया रिएक्ट
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। इंटरनेट पर इस समय अरोरा को लेकर अलग-अलग राय हैं। कुछ लोग उन्हें हीरो बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग कानून अपने हाथ में लेने के लिए उनकी निंदा कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि गार्ड की कथित क्रूरता ने अरोरा की प्रतिक्रिया को जायज ठहराया है। एक यूजर ने कहा कि, 'मुझे खेद है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसमें जसमीत गलत हैं।' दूसरे ने पुलिस द्वारा ऐसे मामलों से निपटने के तरीके में कथित लैंगिक भेदभाव की ओर इशारा करते हुए कहा, 'उसे सभी अधिकार प्राप्त हैं, हम क्या कर सकते हैं? अगर उसकी जगह किसी लड़के की मौत हुई होती, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती। इस तरह का न्याय शर्मनाक है।' तीसरे ने कहा कि, 'गार्ड भी इंसान होते हैं, उसने अपने दो बच्चों की खातिर ही उसे पकड़ा होगा, आत्मरक्षा में कानून इसकी अनुमति देता है।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'मध्यम वर्ग के भारतीय आम भारतीयों की तुलना में अपने पालतू जानवरों को लेकर अधिक चिंतित हैं। शर्मनाक।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'अगर गार्ड ने पलटकर अभी ही मार दी, तो बहन जी जमीन पर पड़ी मिलेंगी। अगर किसी ने कोई गलती की है, तो पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया?'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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