पश्चिम बंगाल के जामुड़िया स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी की न्यू केंदा ओसीपी (Open Cast Project) के कुआंरी-दो क्षेत्र से सोमवार को बारिश के बाद बड़े पैमाने पर धुआं निकलने की घटना सामने आई। पूरे ओसीपी परिसर से उठ रहे घने धुएं ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने एक बार फिर ईसीएल प्रबंधन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
ओसीपी के पास में स्थित सालडांगा मंडल पादा, बाउरी पाड़ा में सैकड़ों की संख्या में लोग बसे हुए हैं, जो धुआं निकले कि घटना के बाद सहमे हुए हैं। स्थानीय सालडांगा मंडल पाड़ा के लोगों ने कहा कि 8 महीने पहले इसी प्रकार से ओसीपी से पहली बार धुआं निकलने की घटना सामने आई थी।
फरवरी में गैस रिसाव से दो बच्चे हुए थे बीमार
इसके बाद इसीएल प्रबंधन से तत्काल आस पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने की मांग की गई। फरवरी महीने में ओसीपी से गैस रिसाव होने से दो बच्चे बीमार हो गए थे, जिनका अस्पताल में इलाज कराया गया। पिछले जून माह में भी बारिश के बाद व्यापक तौर पर धुआं निकलने की घटना से आस पास के इलाकों में रह रहे लोगों को सांस लेने में असुविधा का सामना करना पड़ा था।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी खतरनाक
वहीं, सोमवार को फिर से धुआं निकलने की घटना सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी खतरनाक है। इसीएल प्रबंधन को इस घटना की गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ओसीपी के चारों ओर इसीएल प्रबंधन द्वारा घेराबंदी भी नहीं कराया गया है, जिससे अप्रिय दुर्घटना घटित होने की भी आशंका बनी रहती है। वहीं, घेराबंदी नहीं होने के कारण आए दिन मवेशियों के ओसीपी में गिरने की घटना घटित होते रहती है।
32 साल पहले 55 लोगों की चली गई थी जान
बता दें कि 32 साल पहले 25 जनवरी 1994 को न्यू केंदा कोलियरी में आगलगी की घटना हुई थी, जिसमें 55 लोगों की एक ही रात में मौत हो गई थी। कोयला खदान में लगी आग आज भी अंदर ही अंदर सुलग रही है, जिस वजह से बीच बीच में जमीन के फटने तथा आग और धुआं निकलने की घटना घटित होते रहती है।
जानिए क्यों निकलने लगता है धुआं
जब कभी भी भारी बारिश होती है तो जगह जगह फटे जमीन के मुहाने खुल जाते हैं, जिससे आग को ऑक्सीजन मिलने लगता है और अंदर की आग भड़क जाती है और व्यापक पैमाने पर धुआं निकलना शुरू हो जाता है। धुआं निकलने की घटना के बाद से ओसीपी में काम बंद पड़ा हुआ है। खबर लिखे जाने तक ओसीपी से धुआं निकलने का सिलसिला जारी है। इसीएल की ओर से कोई भी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है।
अधिकारी बोले- ये कोई बड़ी बात नहीं
इस विषय में ईसीएल केंदा एरिया के महाप्रबंधक अक्षय चंद्र दे ने कहा कि बारिश होने पर ओसीपी से धुंआ निकलता है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीन के नीचे आग के कारण जब भी बारिश होती है तो मुहाने (छेद) खुल जाते है, जिससे धुंआ निकलने लगता है। मुहानों को डोजरिंग कर बंद करा दिया जाएगा।
बिज्जू मंडल की रिपोर्ट
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