कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक अदालत के समक्ष सरेंडर कर दिया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में सरेंडर किया। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी है। केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा दिन में पहले कोलकाता स्थित विशेष ईडी अदालत में पेश हुए। इसके बाद अदालत के आदेशों का पालन करते हुए उन्होंने औपचारिक रूप से सरेंडर कर दिया।
शर्तों पर मिली अंतरिम जमानत
हालांकि अधिकारी ने बताया कि ईडी ने चंद्रनाथ सिन्हा की हिरासत का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि हालांकि चंद्रनाथ सिन्हा को जमानत दे दी गई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें फिलहाल अपने विधानसभा क्षेत्र या कोलकाता से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। ईडी अधिकारी ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए बताया, “उन्हें (मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा) जांच में सहयोग करना होगा। मामले से संबंधित सुनवाई पूरी होने तक इन शर्तों का पालन किया जाना चाहिए।’’
ईडी कर रही मामले की जांच
वहीं मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के वकील ने संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि मंत्री जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने यह सरेंडर, न्यायिक प्रक्रिया के सम्मान में किया है। इस मामले में चंद्रनाथ सिन्हा पिछले कुछ समय से ईडी की जांच के दायरे में हैं। केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी इस मामले में चंद्रनाथ सिन्हा की भूमिका का पता लगाने के लिए आने वाले दिनों में उनसे पूछताछ कर सकते हैं। बता दें कि पिछले महीने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक विशेष अदालत ने चंद्रनाथ सिन्हा को ईडी के समन के जवाब में 12 सितंबर को पेश होने और सरेंडर करने का निर्देश दिया था। (इनपुट- पीटीआई)