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Mathabhanga Assembly Elections 2026: माथाभांगा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, क्या BJP बचा पाएगी अपना गढ़?

 Published : Apr 16, 2026 06:40 pm IST,  Updated : Apr 16, 2026 06:40 pm IST

Mathabhanga Assembly Elections 2026: माथाभांगा विधानसभा सीट पर 2026 में बीजेपी, TMC और CPM के बीच त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर दलित और राजबंशी वोट निर्णायक माने जाते हैं।

Mathabhanga Assembly Election 2026, West Bengal Assembly Elections 2026- India TV Hindi
माथाभांगा सीट पर कांटे की टक्कर होती रही है। Image Source : INDIA TV

Mathabhanga Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उत्तर बंगाल की जिन सीटों पर सबसे ज्यादा नजरें हैं, उनमें कूचबिहार जिले की माथाभांगा विधानसभा सीट भी शामिल है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और यहां पर परंपरागत रूप से दलित वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। इस बार भी यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। माथाभांगा सीट पर मतदान पहले चरण में होगा, जिससे यहां राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।

क्या हैं माथाभांगा सीट के प्रमुख मुद्दे?

माथाभांगा विधानसभा सीट कूचबिहार जिले में स्थित है और यह कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जहां राजबंशी समुदाय और अन्य दलित वर्गों का प्रभाव काफी अधिक है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां कृषि, चाय बागान और सीमावर्ती व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बांग्लादेश सीमा के नजदीक होने की वजह से यहां सुरक्षा, नागरिकता और घुसपैठ जैसे मुद्दे भी चुनावी विमर्श का हिस्सा रहते हैं।

क्या हैं यहां के सियासी समीकरण?

माथाभांगा सीट पर पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी लगातार आगे बढ़ती गई है, खासकर उत्तर बंगाल में उसके बढ़ते प्रभाव का असर यहां साफ देखा गया है। यही वजह है कि पिछले चुनावों में बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज की थी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार इस सीट को वापस जीतने की कोशिश में है और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत किया है। वहीं, वाम दल (CPM) भी इस सीट पर अपनी पारंपरिक पकड़ को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां चुनावी मुद्दों में विकास, और चाय बागान श्रमिकों की स्थिति प्रमुख हैं। साथ ही, SC वोट बैंक का झुकाव किस ओर जाता है, यह निर्णायक साबित होगा।

माथाभांगा से कौन-कौन हैं उम्मीदवार?

साल 2026 के चुनाव में माथाभांगा सीट पर मुख्य मुकाबला तीन प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के बीच है:

  1. निसिथ प्रमाणिक (BJP)
  2. डॉ. सबलु बर्मन (TMC)
  3. खगेन चंद्र बर्मन (CPM)

निसिथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल में बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और उनका प्रभाव इस सीट पर महत्वपूर्ण फैक्टर है। वहीं, TMC ने डॉ. सबलु बर्मन को मैदान में उतारकर स्थानीय समीकरण साधने की कोशिश की है। CPM के खगेन चंद्र बर्मन भी पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने में जुटे हैं।

कैसे रहे हैं बीते चुनावों के नतीजे?

साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में माथाभांगा सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी, जो उत्तर बंगाल में पार्टी के उभार का एक बड़ा संकेत था। तृणमूल कांग्रेस इस सीट पर दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि वाम दलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। वहीं, 2016 और 2011 में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2026 के चुनाव में बदले राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दों के चलते मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा माना जा रहा है।

क्यों खास है यह सीट?

माथाभांगा सीट इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उत्तर बंगाल में राजनीतिक ताकत का संकेत देती है। अगर बीजेपी यहां अपनी पकड़ बनाए रखती है तो यह सूबे की सियासत में एक बड़ा संदेश होगा, वहीं TMC के लिए यह सीट वापसी का मौका है। कुल मिलाकर, माथाभांगा में इस बार का चुनाव सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि उत्तर बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करने वाला मुकाबला बन चुका है।

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