कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने तृणमूल कांग्रेस नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को सोमवार को कोलकाता स्थित अपने जोनल कार्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है। यह मामला प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है।
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ED की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर चल रही है। CBI ने ये FIR कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन कर अयोग्य, गैर-सूचीबद्ध और कम रैंक वाले उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी गईं, जबकि योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिला। आरोप है कि यह सब आपराधिक साजिश के तहत किया गया।
ED ने इस मामले में 6 अगस्त 2025 को अपनी छठी पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इसमें चंद्रनाथ सिन्हा को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी के रूप में नामित किया गया। मार्च 2024 में चंद्रनाथ सिन्हा के घर पर हुई तलाशी के दौरान ED ने 41 लाख रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया था। ED का दावा है कि चंद्रनाथ सिन्हा ने बीरभूम जिले के बोलपुर क्षेत्र में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया जा चुका है।
इस मामले में ED ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों पर छापेमारी के दौरान 49.80 करोड़ रुपये नकद और 5.08 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण जब्त किए थे।
अब तक 7 लोग गिरफ्तार
ED इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी शामिल हैं। एजेंसी ने अब तक करीब 98.65 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। वहीं, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में कुल जब्ती और कुर्की की राशि लगभग 154.91 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
ED ने 19 सितंबर 2022 को पहली अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इसके बाद छह पूरक शिकायतें भी अदालत में दायर की गईं। मामले में 54 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। इनमें पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और पूर्व विधायक मानिक भट्टाचार्य भी शामिल हैं।
ED के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के अलावा SSC सहायक शिक्षक भर्ती तथा ग्रुप-सी और ग्रुप-डी भर्ती घोटालों में भी कार्रवाई की गई है। इन मामलों में करीब 486 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। एजेंसी के अनुसार, कोलकाता स्थित ED कार्यालय द्वारा भर्ती घोटालों से जुड़े मामलों में अब तक कुल लगभग 641 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।