कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और कमरहाटी के विधायक मदन मित्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ यह नोटिस साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ कथित गैंगरेप के मामले में उनके विवादास्पद बयान के लिए जारी किया गया है। बता दें कि शनिवार को विधायक मदन मित्रा ने एक सार्वजनिक बयान दिया, जिसमें कहा गया कि अगर पीड़िता अपने कुछ दोस्तों को साथ लेकर जाती या कॉलेज बंद होने के समय अकेले परिसर में नहीं जाती तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा, "इस घटना ने लड़कियों को संदेश दिया है कि अगर कॉलेज बंद होने पर कोई बुलाए तो मत जाओ, इससे कुछ अच्छा नहीं होगा। अगर वो लड़की वहां नहीं जाती तो ये घटना नहीं होती।"
वहीं मदन मित्रा के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आक्रोश भड़क उठा। बीजेपी सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी मदन मित्रा के बयान की व्यापक आलोचना की। उनके इस बयान को असंवेदनशील बताया गया। वहीं मदन मित्रा के इस बयान से टीएमसी ने खुद को अलग कर लिया। टीएमसी ने एक बयान जारी करते हुए मदन मित्रा की टिप्पणी की निंदा की। टीएमसी ने आधिकारिक तौर पर खुद को अलग करते हुए कहा कि यह टिप्पणी व्यक्तिगत हैसियत से की गई थी और पार्टी के रुख को नहीं दर्शाती है।
वहीं टीएमसी की ओर से आधिकारिक तौर पर किनारा किए जाने के बाद प्रतिक्रिया के तौर पर मदन मित्रा ने सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए आरोपी को बचाने के किसी भी इरादे से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए निहित स्वार्थों द्वारा इसका इस्तेमाल किया गया।
टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने रविवार को विधायक मदन मित्रा को आधिकारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया। पत्र में मित्रा की टिप्पणियों को “असामाजिक, अनावश्यक और असंवेदनशील” बताया। इसके अलावा इस बयान को पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया। नोटिस में कहा गया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर टीएमसी की शून्य-सहिष्णुता नीति का उल्लंघन किया गया है, जिसके लिए मित्रा को तीन दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए शनिवार को पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था, जिसका रविवार को विस्तार कर दिया गया है। अब इस एसआईटी में पांच की जगह नौ सदस्य रहेंगे। बता दें कि कथित गैंगरेप के मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें से तीन आरोपी जबकि एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल है। बता दें कि छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की घटना 25 जून की शाम को कॉलेज परिसर में हुई थी।
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