Jamuria Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट चुके हैं। माना जा रहा है कि राज्य में अप्रैल महीने में वोटिंग कराई जा सकती है। ऐसे समय में सभी की नजरें राज्य की प्रमुख विधानसभा सीटों पर है। पश्चिम बंगाल की सत्ता को देखते हुए जामुरिया विधानसभा सीट काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इस सीट का सियासी समीकरण।
जामुरिया विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में आती है। यह जनरल कैटेगरी की असेंबली सीट है। यह आसनसोल लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है। जामुरिया सीट 1957 में बनी थी और यहां अब तक 16 विधानसभा चुनाव हुए हैं। यह लंबे समय से लाल रंग CPI(M) का गढ़ रहा है। यहां CPI(M) ने 10 बार जीत हासिल की है जिसमें 1977 और 2016 के बीच लगातार 9 जीत शामिल हैं। कांग्रेस ने यह सीट 3 बार जीती है, जबकि प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और TMC ने एक-एक बार जीत हासिल की है।
2026 के विधानसभा चुनाव में जामुरिया में TMC थोड़ी आगे चल सकती है, लेकिन बढ़त कम है। BJP बढ़ी है लेकिन अभी भी इस इंडस्ट्रियल बेल्ट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है।
साल 2021 के विधानसभा चुनावों में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के हरेराम सिंह ने जीत हासिल की। हरेराम सिंह ने बीजेपी के उम्मीदवार तापस कुमार रॉय को 8051 वोटों से हराया था। हरेराम सिंह को 71,002 वोट मिले जबकि तापस कुमार रॉय को 62,951 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर CPI(M) की आइशी घोष रही थीं, जिन्हें 24,818 वोट मिले थे।
2016 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान जामुरिया सीट पर CPI(M) की जहांआरा खान की जीत हुई थी। जहांआरा खान ने तृणमूल कांग्रेस के वी. शिवदासन (दसु) को 7757 वोटों से हरा दिया था। जहांआरा खान को 67,214 वोट मिले थे तो वी. शिवदासन को 59,457 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, बीजेपी के संतोष सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे, उन्हें 22,040 वोट मिले थे।
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