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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: खरदह सीट पर कौन मारेगा बाजी? जानें सियासी समीकरण

 Published : Mar 11, 2026 11:49 pm IST,  Updated : Mar 11, 2026 11:49 pm IST

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले की खरदह विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की काफी प्रतिष्ठित और रणनीतिक तौर पर अहम सीटों में एक है। यह एक हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट रही है।

Khardaha Assembly Seat- India TV Hindi
खरदह विधानसभा सीट Image Source : INDIA TV

West Bengal Assembly Election 2026: खरदह विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सीटों में एक अहम सीट है। इस विधानसभा क्षेत्र की संख्या 109 है। यह सीट सामान्य वर्ग के तहत आती है। खरदह विधानसभा सीट दमदम लोकसभा सीट के अंदर आती है। राज्य में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद खरदह में उपचुनाव हुआ था। इस चुनाव में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी के जॉय साहा को 93,832 वोटों के अंतर से हरा दिया था।

जनसांख्यिकीय आंकड़े

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक  2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान खरदाहा दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में 2,32,619 वोटर थे। इनमें से 1,16,398 पुरुष और 1,16,214 महिला वोटर थीं। सात वोटर थर्ड जेंडर के थे। निर्वाचन क्षेत्र में 967 पोस्टल वोट डाले गए थे। 2021 में खरदह में सर्विस वोटरों की संख्या 271 (254 पुरुष और 17 महिला) थी।

वहीं वर्ष 2016 में, खरदह विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 2,04,874 थी। इसमें से 1,04,033 पुरुष वोटर और 1,00,837 महिला वोटर थे। चार वोटर थर्ड जेंडर के थे। चुनाव क्षेत्र में 474 वैलिड पोस्टल वोट थे। 2016 में खरदह में सर्विस वोटरों की संख्या 304 थी (194 पुरुष और 110 महिला)।

सियासी समीकरण

यह सीट हमेशा से पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट रही है क्योंकि इस सीट ने राज्य को बड़े नेता और मंत्री दिए हैं। खरदह कभी वामपंथ का गढ़ हुआ करता था। पूर्व वित्त मंत्री असीम दासगुप्ता यहां से लगातार पांच बार विधायक रहे। वहीं 2011 से ही यह सीट टीएमसी के पास है। 2021 के चुनाव में यहां से टीएमसी उम्मीदवार काजल सिन्हा को जीत मिली थी लेकिन कोरोना के चलते उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में दिग्गज नेता शोभनदेब चटोपाध्याय ने भारी अंतर से जीत हासिल की थी। लगातार तीन बार सत्ता में रहने के कारण स्थानीय स्तर पर टीएमसी को लेकर मतदाताओं में कुछ नाराजगी हो सकती है वहीं बीजेपी के लिए चुनौती ये है कि क्या वह शोभनदेब चटोपाध्याय के कद के बराबर का कोई उम्मीदवार उतार पाएगा?

2021 के चुनाव नतीजे

2021 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से टीएमसी को जीत हासिल हुई थी। इस चुनाव में टीएमसी के काजल सिन्हा ने निकटम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के शीलभद्र दत्ता को 28,140 वोटों से हरा दिया था। काजल सिन्हा को 89,807 वोट मिले थे जबकि शीलभद्र दत्ता को 61,667 वोट हासिल हुए। वहीं काजल सिन्हा के निधन के बाद हुए उपचुनाव में टीएमसी के शोभनदेब चटोपाध्याय ने बीजेपी के जॉय साहा को 93,832 वोटों के ऐतिहासिक अंतर से हराया था।

2016 के चुनाव नतीजे

2016 के विधानसभा चुनाव में खरदह विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार डॉ. अमित मित्रा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने सीपीआई (एम) के डॉ. असीम दासगुप्ता को 21,200 वोटों से हराया था। डॉ. अमित मित्रा को कुल 83,68 वोट हासिल हुए थे जबकि डॉ. अमित दासगुप्ता को 62,488 वोट मिले थे।

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