पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित हावड़ा उत्तर (Howrah Uttar) विधानसभा क्षेत्र राज्य की प्रमुख शहरी और औद्योगिक सीटों में शामिल है। यह पूरी तरह शहरी सीट है। यह हावड़ा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और सामान्य (जनरल) श्रेणी की है। 2024 के मतदाता सूची के अनुसार कुल मतदाता लगभग 2.25 लाख हैं और 234 मतदान केंद्र हैं।
जूट मिलें, इंजीनियरिंग उद्योग और बंदरगाह
2021 विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 68.53% रहा, जो शहरी इलाकों में सामान्य से थोड़ा कम है। हावड़ा को 'पूर्व का शेफील्ड' कहा जाता है, जहां जूट मिलें, इंजीनियरिंग उद्योग और बंदरगाह से जुड़े कारोबार अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
35 प्रतिशत के आसपास मुस्लिम आबादी
हावड़ा उत्तर विधानसभा सीट में अनुसूचित जाति (SC) की हिस्सेदारी करीब 4% और अनुसूचित जनजाति (ST) मात्र 0.16% है, जो राज्य के अन्य इलाकों से काफी कम है। मुस्लिम समुदाय की मौजूदगी महत्वपूर्ण है। इस सीट पर अनुमानित रूप से 35% के आसपास मुस्लिम आबादी है, जो चुनावी गणित में निर्णायक भूमिका निभाता है।
पिछले 3 बार से टीएमसी दर्ज कर रही जीत
हावड़ा उत्तर विधानसभा सीट पर लंबे समय से वामपंथी का गढ़ रहा है। 2011 विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी ने यहां मजबूत पकड़ बनाई। 2021 में भाजपा ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन टीएमसी ने सीट बरकरार रखी। पिछले तीन चुनाव के नतीजों की बात करें तो तीनों बार टीएमसी ने यहां से जीत दर्ज की है।
2021 विधानसभा चुनाव परिणाम
पिछले बार के विधानसभा चुनाव परिणाम में टीएमसी के गौतम चौधरी ने जीत दर्ज की। उन्हें 71,575 वोट (47.81%) मिले, जबकि भाजपा के उमेश राय को 66,053 वोट (44.12%) मिले। दोनों ही उम्मीदवारों के बीच मार्जिन महज 5,522 वोट (3.69%) का रहा। सीपीआई(एम) के पवन सिंह 8,133 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यह चुनाव भाजपा के लिए राज्य में मजबूत प्रदर्शन का संकेत माना जाता है।
2016 विधानसभा चुनाव परिणाम
टीएमसी के लक्ष्मी रतन शुक्ला (पूर्व क्रिकेटर) ने जीत हासिल की। उन्हें 61,917 वोट (46.40%) मिले, जबकि कांग्रेस के संतोष कुमार पाठक को काफी पीछे छोड़ा। दोनों ही पार्टी उम्मीदवारों के बीच मार्जिन 26,959 वोटों का रहा।
2011 विधानसभा चुनाव परिणाम
2011 विधानसभा चुनाव में टीएमसी के अशोक घोष ने जीत दर्ज की। उन्हें 61,466 वोट (49.26%) मिले, जबकि सीपीआई(एम) के निमाई समांता को 41,858 वोट (34%) मिले। मार्जिन 19,608 वोट (15.71%) का रहा। टीएमसी ने वामपंथी दल से ये सीट छीनी थी। वामपंथी दल (CPIM) के उम्मीदवार नेमई सामंता को 41858 वोट मिले थे।