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"ईरानियों के पास कोई कार्ड नहीं है, वो सिर्फ जिंदा हैं तो इसलिए कि वार्ता कर सकें", ईरान ने दिया ट्रंप के इस पोस्ट का जवाब

 Published : Apr 11, 2026 06:40 pm IST,  Updated : Apr 11, 2026 06:40 pm IST

Iran US War: ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के बीच राष्ट्रपति ट्रंप लगातार तेहरान को भड़काने वाला बयान दे रहे हैं। ईरान ने ट्रंप के एक ऐसे ही भड़काऊ बयान का जवाब दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई (दाएं) (फाइल)- India TV Hindi
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई (दाएं) (फाइल) Image Source : AP

Iran-US Ceasefire Talks: ईरान और अमेरिका के बाच इस्लामाबाद में चल रहे शांति वार्ता प्रयासों के बीच दोनों पक्षों में तीखी जुबानी जंग जारी है। ईरान ने अब ट्रंप की उस पोस्ट का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानियों के पास कोई कार्ड नहीं है, वो जिंदा सिर्फ इसिलए हैं कि बातचीत कर सकें। ट्रंप के इस बयान से ईरान भड़क गया है। सियोल स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप के बयान का कड़ा जवाब दिया है। 

ईरान ने दिया ट्रंप को ये जवाब

ईरानी दूतावास ने लिखा कि ट्रंप को जानकारी के लिए बता दें, "होर्मुज जलडमरूमध्य "अंतरराष्ट्रीय जल" नहीं है। यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय समुद्री क्षेत्र के अंदर स्थित है, जिसमें कोई हाई सीज़ गलियारा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उनके अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।"

ट्रंप ने ईरान के लिए क्या पोस्ट किया था?

ईरानी दूतावास की उक्त पोस्ट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देने के अंदाज में सनसनीखेज पोस्ट किया था। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पर लिखा था, "ईरानी यह बात समझते नहीं दिख रहे कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया से अल्पकालिक ब्लैकमेल करने के सिवाय कोई कार्ड नहीं है। आज वे जिंदा हैं तो सिर्फ इसलिए कि वे बातचीत कर सकें!" ट्रंप के इस बयान ने ईरान को अक्रोश से भर दिया था। लिहाजा अब ईरान ने भी इसका जवाब दिया है। 

अमेरिका के साथ वार्ता पर ईरान को नहीं भरोसा

ट्रंप के इन्हीं बयानों की वजह से इस्लामाबाद पहुंचे ईरान को शांति वार्ता को लेकर ट्रंप पर भरोसा नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ वार्ता शुरू होने से पहले शनिवार को अमेरिका को विश्वासघाती बताया था। अराघची ने कहा था कि ट्रंप ने बार-बार समझौतों का उल्लंघन किया है। इसलिए अमेरिका पर भरोसा नहीं है। अराघची ने यह तक कह दिया कि वह अविश्वास के साथ वार्ता में शामिल हो रहे हैं। 

ट्रंप दे रहे ईरान को धमकी

ट्रंप लगातार ईरान को शांति वार्ता से पहले धमकी भरे ऐसे संदेश दे रहे हैं। ताकि वह वार्ता के लिए ईरान पर दबाव बना सकें। ट्रंप का यह सीधा और कड़ा संदेश है कि ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए थोड़े समय के लिए दुनिया को ब्लैकमेल करने के अलावा कोई और ताकत नहीं बची है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि ईरान ने अगर समझौता नहीं माना तो दोबारा बमबारी शुरू कर देंगे। 

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