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इजरायल-हमास युद्ध की ये कैसी त्रासदी! गर्भ के 9 माह पूरे होने से पहले ही नवजातों को आना पड़ा बाहर; बावजूद जिंदगी नहीं लगा रही गले

 Published : Nov 12, 2023 03:20 pm IST,  Updated : Nov 12, 2023 03:20 pm IST

इजरायल-हमास युद्ध की यह त्रासदी आपकी आंखों में खून के आंसू निकाल देगी। गाजा पर लगातार बरस रहे बमों और मिसाइलों के खौफ में 40 से ज्यादा बच्चों की प्री-मेच्योर डिलीवरी करनी पड़ गई। मगर विडंबना ऐसी कि अस्पताल में बिजली और ईंधन नहीं है। लिहाजा अब 37 बच्चों के सिर मौत का खतरा मंडराने लगा है।

गाजा हॉस्पिटल (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
गाजा हॉस्पिटल (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

इजरायल-हमास युद्ध का सबसे बड़ा कहर गर्भ में पल रहे भ्रूणों पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार गाजा के सिर्फ एक अस्पताल में ही 40 से ज्यादा बच्चों की युद्ध के चलते प्री-मेच्योर डिलीवरी हो गई। इसके बावजूद उन्हें जिंदगी गले लगाने को तैयार नहीं है। दरअसल जिस अस्पताल में ये बच्चे भर्ती हैं, वहां अब बीजली और ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसके चलते 2 नवजातों की मौत हो चुकी है। अब 37 अन्य प्री-मेच्योर बच्चों की जिंदगी पर भी मौत का साया मंडरा रहा है। युद्ध की इस त्रासदी ने गर्भ में पल रहे भ्रूणों पर ऐसा कहर ढाया है कि इसके बारे में जानकर आपके आंसू निकल आएंगे। 

गाजा के अस्पतला में इजरायली सेना द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी के बीच गाजा 37 प्री-मेच्योर बच्चे फंस गए हैं। गाजा अस्पताल में बिजली की कमी के कारण नवजात शिशु वार्ड बंद होने से कम से कम 37 समय से पहले जन्मे बच्चों की मौत हो सकती है। मेडिकल चैरिटी फिजिशियन फॉर ह्यूमन राइट्स इज़राइल ने कहा है कि गाजा शहर के अल शिफा अस्पताल में समय से पहले जन्मे 2 शिशुओं की मौत हो चुकी है और 37 अन्य पर भी "वास्तविक खतरा" है। अस्पताल के सर्जरी प्रमुख डॉ. मारवान अबू सादा ने बताया, "मुझे डर है कि अगर हम इन बच्चों को इस इकाई में इस हालत में छोड़ देंगे तो समझिये हम उन्हें मरने दे रहे हैं। वैसे भी वह समय से पहले पैदा हुए हैं।

बच्चों को बचाने के में जुटी इजरायल सेना

 डॉ. मारवान अबू सादा ने कहा कि जिन शिशुओं को कंबल में लपेटा गया है , उनके गहन देखभाल, कृत्रिम श्वसन और जीवन रक्षक उपकरणों की आवश्यकता है। सर्जिकल थिएटर में बिस्तरों पर वयस्कों   को पंक्तियों में खड़ा किया गया है। इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने शनिवार देर रात कहा कि अल शिफा के चिकित्सकों द्वारा बचाव की गुहार लगाने के बाद बच्चों को एक अलग अस्पताल में ले जाएगा। आइडीएफ ने कहा कि हमने गाजा नर्सरी में छिपे हथियारों के भंडार का पता लगाया है। शनिवार तड़के इजरायली सैनिकों ने उत्तरी गाजा की एक नर्सरी में हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों के ढेर का पता लगाया है।

इज़रायली सशस्त्र बलों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें 551वीं ब्रिगेड के एक सैनिक को खोजे गए सामान दिखाते हुए दिखाया गया है। "कोठरी के ऊपर और जिस बिस्तर को हमने पलटा था, उसके नीचे हमें दो बहुत बड़े विस्फोटक चार्ज ब्लॉक मिले, एक आकार का चार्ज जो एक टैंक से जुड़ा हुआ है।" सैनिक ने कहा साथ ही गोला-बारूद से भरी दो बोरियां भी मिलीं, जिसका नाम है और रैंक नहीं दी गई है। 

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