ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का है। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान का अधिकार है और मामला अब समाप्त हो चुका है। ईरान की आईएसएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान की नीतियां पहले प्रतिबंधों और बाहरी दबाव से प्रभावित थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि भविष्य की योजना ईरान और व्यापक क्षेत्र दोनों की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होनी चाहिए।
गुपचुप यूएई पहुंचे नेतन्याहू
ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात की गुपचुप यात्रा की। जानकारी के अनुसार, "द रोर ऑफ द लायन" ऑपरेशन के दौरान हुई इस यात्रा में नेतन्याहू ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने कहा कि इस मुलाकात के परिणामस्वरूप इजरायल और यूएई के संबंधों में एक "ऐतिहासिक सफलता" मिली है, हालांकि चर्चाओं के बारे में और कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
चीन से मजबूत दोस्ती चाहता है ईरान
तेहरान से मिली रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के साथ संभावित सुलह की अनिश्चितता के बीच ईरान संयुक्त राष्ट्र में चीन के माध्यम से अपना प्रभाव मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप की बीजिंग यात्रा एक द्विपक्षीय मामला है और ईरान के लिए चिंता का विषय नहीं है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन के साथ निरंतर संपर्क उसकी रणनीतिक साझेदारियों का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के प्रभाव पर निर्भर है और अमेरिका के साथ भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते के व्यावहारिक कार्यान्वयन की ठोस गारंटी चाहता है।
ईरान ने 80 प्रतिशत कर ली मरम्मत
ईरान के आईआरआईबी के अनुसार, तेहरान में युद्ध से क्षतिग्रस्त हुए 80% स्थलों की मरम्मत कर दी गई है। उप राज्यपाल सैयद कमालुद्दीन मिर्जाफरियान ने बताया कि अमेरिका-इजराइल हमलों के दौरान तेहरान प्रांत में लगभग 60,000 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां क्षतिग्रस्त हो गईं। अनुमानों के अनुसार, पुलों, बंदरगाहों, रेलवे, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों, बिजली संयंत्रों, विलवणीकरण सुविधाओं, अस्पतालों, स्कूलों और नागरिकों के घरों को हुए नुकसान सहित कुल नुकसान लगभग 270 अरब डॉलर है।