दमिश्क: सीरिया के उत्तरी प्रांत दीर अल-जौर में अमेरिकी कार्रवाई में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के 32 आतंकवादी मारे गए। निगरानी रखने वाले एक समूह ने यह जानकारी दी। मृतकों में चार कमांडर भी शामिल हैं। सीरिया में मानवाधिकार पर्यवेक्षक ने कहा कि शनिवार तड़के दीर अल-जौर के ग्रामीण इलाके में स्थित अल-ओमार तेल क्षेत्र के पास अमेरिका के नेतृत्व में आईएस के आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए गए और अमेरिका के विशेष बलों द्वारा छापेमारी की गई।
ब्रिटेन स्थित निगरानी समूह ने कहा कि अमेरिकी हमले में चार कमांडर भी मारे गए हैं, जिसमें से तीन मोरक्को के नागरिक हैं। निगरानी समूह ने पुष्ट सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि आईएस के अरब और अफ्रीकी मूल के आतंकवादियों पर अमेरिका के नेतृत्व वाले आतंकवाद रोधी गठबंधन को सूचनाएं लीक करने का आरोप है, जिसके कारण अमेरिका ने तेल समृद्ध प्रांत में छापेमारी की।
एक दिन पहले पेंटागन ने इस बात की पुष्टि की थी कि इराक स्थित अमेरिका के विशेष अभियान सैनिकों ने पूर्वी सीरिया के अल-ओमार इलाके में कार्रवाई की। इस कार्रवाई में एक आईएस आतंकवादी मारा गया जिसकी पहचान अबू सय्याफ के रूप में हुई है। उसने इस्लामिक स्टेट के तेल अभियान में प्रमुख भूमिका निभाई थी। छापेमारी के दौरान अबू सय्याफ की पत्नी को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया था।
सीरिया की सरकारी मीडिया ने अमेरिका के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि उसने कहा कि सीरियाई सैनिकों ने अल-ओमार के पास दीर अल-जौर तेल क्षेत्र के पास एक अभियान में 'आईएस के तथाकथित तेल मंत्री' को मार गिराया है।