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पाकिस्तान पर निशाना? आतंक के मुद्दे पर BIMSTEC एकमत, कहा- जवाबदेही तय की जाए

 Reported By: Bhasha
 Published : Aug 31, 2018 07:11 pm IST,  Updated : Aug 31, 2018 07:11 pm IST

नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत एवं 6 अन्य BIMSTEC देशों ने आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए एक ‘बड़ा खतरा’ करार दिया।

BIMSTEC Summit: Member nations term terrorism as 'great threat'- India TV Hindi
BIMSTEC Summit: Member nations term terrorism as 'great threat'

काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत एवं 6 अन्य BIMSTEC देशों ने आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए एक ‘बड़ा खतरा’ करार दिया। इन सभी देशों ने शुक्रवार को आह्वान किया कि इस बुराई को बढ़ावा, समर्थन देने वाले या उसका वित्तपोषण करने वाले, आतंकवादियों को सुरक्षित शरणस्थली उपलब्ध कराने वाले और उनकी गलत प्रशंसा करने वाले देशों तथा सरकार इतर तत्वों की पहचान की जाए तथा उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए। 2 दिन तक चले चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के अंत में काठमांडू घोषणापत्र जारी किया गया जिसमें बिम्सटेक देशों सहित विश्व के सभी हिस्सों में आतंकी हमलों की निन्दा की गई और जोर दिया गया कि आतंकवाद के किसी भी कृत्य को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य सदस्य देशों के नेता शामिल हुए। मोदी ने कहा, ‘बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में आज की कार्यवाही अत्यंत सार्थक रही। कल हमने जिन मुद्दों पर बात की थी, उसी दिशा में हम आगे बढ़े तथा विभिन्न क्षेत्रों में बहुपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए अपनी कटिबद्धता दोहराई।’ काठमांडो घोषणापत्र में किसी भी जगह किसी के भी द्वारा किए जाने वाले आतंकी कृत्यों और सभी प्रकार के आतंकवाद की निन्दा की गई। इसमें कहा गया, ‘आतंकवाद और सीमा पार संगठित अपराध बिम्सटेक देशों सहित अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए लगातार बड़ा खतरा बने हुए हैं।’

सभी सदस्यों देशों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार की गई घोषणा में कहा गया, ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में न सिर्फ आतंकवादियों, आतंकी संगठनों और नेटवर्कों को निशाना बनाया जाना चाहिए, बल्कि इस बुराई को बढ़ावा, समर्थन देने वाले या वित्त पोषण करने वाले, आतंकवादियों, आतंकी समूहों को सुरक्षित शरणस्थली उपलब्ध कराने वाले और उनकी गलत प्रशंसा करने वाले देशों तथा सरकार इतर तत्वों की पहचान भी की जानी चाहिए और जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’ घोषणापत्र में किसी खास देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन पाकिस्तान पर भारत सहित इसके पड़ोसी देश आतंकवादियों को पनाहगाह उपलब्ध कराने का आरोप लगाते रहे हैं।

इसमें सभी देशों से कहा गया कि वे एक समग्र रुख अपनाएं जिसमें आतंकियों के वित्त पोषण, अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से होने वाले आतंकी कृत्यों, आतंकियों की भर्ती, सीमा पार आतंकी गतिविधयों पर अंकुश लगाने तथा कट्टरपंथ का मुकाबला करने, आतंकी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के दुरुपयोग को रोकने और आतंकी पनाहगाहों को नष्ट करने की बात शामिल हो। शिखर सम्मेलन के अंत में नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने समूह की अध्यक्षता श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना का सौंपी।

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