बीजिंग: दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति पर कड़ा रख अख्तियार करते हुए चीन ने आज कहा कि उत्तराधिकार में उसने तब एक अहम भूमिका निभाई जब उसने 1653 में पांचवें दलाई लामा की उपाधि आधिकारिक तौर पर दी थी।
तिब्बत के शीर्ष आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा द्वारा अपने उत्तराधिकारी के मुद्दे पर लगातार दिए जा रहे जोर पर सवाल उठाते हुए शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अपनी एक टिप्पणी में कहा, 14वें दलाई लामा ऐसे कह रहे हैं मानो सदियों पुरानी यह व्यवस्था उनका निजी मामला है।
न्यूयॉर्क टाइम्स को हाल में दिए गए एक इंटरव्यू में दलाई लामा ने संकेत दिए थे कि वह निर्वासित तिब्बती नागरिकों के बीच एक जनमत संग्रह और चीन में रह रहे तिब्बतियों के बीच विचार-विमर्श कराएंगे कि क्या किसी नए दलाई लामा को उनका उत्तराधिकारी होना चाहिए।
80 साल के दलाई लामा ने अखबार को बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह नियुक्ति की प्रक्रिया के बारे में दलाई लामा से ज्यादा जानती है।
शिन्हुआ में टिप्पणी ने कहा, केंद्र सरकार का अधिकार हमेशा से अहम रहा है। ऐतिहासिक घटनाएं दिखाती हैं कि इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है।