सियोल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों का दौरा समाप्त कर मंगलवार को स्वदेश रवाना हो गए। स्वदेश रवाना होने पर उन्होंने अपने तीनों देशों के दौरे को बेहद सफल करार दिया है। कोरिया से स्वदेश रवाना होने के बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कोरिया में जिस तरह से उनका स्वागत किया गया उससे वह अभिभूत हो गए। उन्होंने लिखा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी इस यात्रा के बाद भारत और कोरिया के संबंधों की नई इबारत लिखी जाएगी जिसका फायदा दोनों ही देशों को होगा।
मोदी ने चीन, मंगोलिया और दक्षिण कोरिया का दौरा किया, दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी का काफी व्यस्त कार्यक्रम रहा। यहां उन्होंने मेजबान राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के साथ-साथ भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। यात्रा के आखिरी दिन वे सियोल में सीईओ फोरम पहुंचे और कोरियाई कपनियों के सीईओ से भी मिले। इसके बाद पीएम मोदी एशिया लीडरशिप समिट को संबोधित किया और फिर वे उलसन स्थित हुंडई के शिपयार्ड उद्योग को देखने गए।
एशिया के विकास को इस युग की महानतम घटना करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद समेत वैश्विक संस्थानों के प्रशासन में सुधार के लिए एशियाई के रूप में काम करना चाहिए। मोदी ने कहा कि भारत का विकास एशिया की सफलता की कहानी होगी और यह एशियाई सपने को एक बड़ी हकीकत बनाने में मदद करेगा।
चीन और मंगोलिया की यात्रा के बाद दक्षिण कोरिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एशिया के बारे में मेरा सपना ऐसा है, जहां सभी एशियाई साथ विकास करें, भारत के भविष्य के बारे में मैंने जो सपना देखा है, वही मैं हमारे पड़ोसियों के भविष्य के लिए चाहता हूं। देश के भीतर और बाहर हमारा विकास और अधिक समावेशी होना चाहिए।
भारत के एशिया के चौराहे पर खड़ा होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक दूसरे के साथ जुड़े एशिया के निर्माण संबंधी अपनी जिम्मेदारी को निभायेंगे। उन्होंने कहा कि चूंकि कुछ एशियाई देश अधिक समद्ध हो गए हैं, ऐसे में उन्हें अपने संसाधनों और बाजार में ऐसे देशों को हिस्सेदारी देने के लिए तैयार रहना चाहिए जिन्हें इनकी जरूरत है। मोदी ने कहा कि यह राष्ट्रीय सरकारों का कर्तव्य ही नहीं, बल्कि एक क्षेत्रीय जिम्मेदारी भी है।
अंत में पीएम मोदी हुंडई के उलसन स्थित शिपयार्ड गए। यहां उन्होंने कहा कि जहाज का निर्माण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। हम देश में भी आधुनिक तकनीक लाना चाहते हैं।
उसके बाद अपने बात को खत्म करते हुए मोदी ने वहां के लोगो को अलविदा कहा और फिर मोदी स्वदेश के लिए रवाना हो गये।