लाहौर: मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद ने शनिवार को आरोप लगाया कि अमेरिका ने उसके संगठन के परमार्थ कार्यों के खिलाफ साजिश की है, और इसी के चलते पाकिस्तानी सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करने को बाध्य है। पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की बैठक से कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के जरिए आतंकवाद निरोधक कानून में संशोधन किया। इस संशोधन का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध सभी व्यक्तियों और समूहों को प्रतिबंधित संगठनों और व्यक्तियों की राष्ट्रीय सूची में शामिल करना था।
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पाकिस्तान ने FATF की बैठक में आतंक का वित्तपोषण करने वाली निगरानी सूची में खुद का डाला जाना टाल दिया था। सईद ने कहा कि राष्ट्रपति के अध्यादेश को JuD के ‘देशभक्ति’ के कार्यों को पंगु करने के लिए पारित किया गया क्योंकि अमेरिका और कई अन्य बाहरी शक्तियां JuD कार्यकर्ताओं के अपने शैक्षणिक संस्थानों, ऐंबुलेंसों और अस्पतालों के जरिए पाकिस्तान के लिये काम करने से खुश नहीं हैं। सईद ने कहा, ‘हमने अमेरिका के खिलाफ राष्ट्र को एकजुट किया। इसलिए अमेरिकी प्रशासन देश में जेयूडी की प्रभावी भूमिका को और बर्दाश्त करने को इच्छुक नहीं है।’
सईद को नवंबर में पाकिस्तान में नजरबंदी से रिहा किया गया था। उसके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम था। उसने कहा, ‘अगर पाकिस्तान अमेरिका की मांगों के आगे आत्मसमर्पण करता रहेगा तो वह समय दूर नहीं है जब इस तरह की शक्तियां उसे अपना परमाणु कार्यक्रम वापस लेने को मजबूर कर देंगी।’ सईद ने हालिया दिनों में पाकिस्तान की केंद्र सरकार पर कई बार हमला बोला है।