1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. नेपाल भूकंप: महामारी से निपटने के लिए चिकित्सक तैनात

नेपाल भूकंप: महामारी से निपटने के लिए चिकित्सक तैनात

 Written By: IANS
 Published : May 19, 2015 07:28 am IST,  Updated : May 19, 2015 07:34 am IST

काठमांडू: नेपाल के स्वास्थ्य विभाग के महामारी विज्ञान और संचारी रोग नियंत्रण विभाग ने भूकंप प्रभावित जिलों में महामारी के संभावित प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सकों को तैनात किया है।

नेपाल भूकंप: महामारी...- India TV Hindi
नेपाल भूकंप: महामारी से निपटने के लिए चिकित्सक तैनात

काठमांडू: नेपाल के स्वास्थ्य विभाग के महामारी विज्ञान और संचारी रोग नियंत्रण विभाग ने भूकंप प्रभावित जिलों में महामारी के संभावित प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सकों को तैनात किया है।

विभाग ने रामेछाप, रासुवा, नुवाकोट, सिंधुपालचौक, धाडिंग और अन्य बुरी तरह प्रभावित जिलों में 175 चिकित्सक तैनात किए हैं, जिनमें 125 चिकित्सक विदेशी हैं। विभाग को डर है कि संक्रामक रोग किसी भी समय फैल सकता है।

चिकित्सा दल संक्रमित रोगों के संभावित प्रकोप के संबंध में लोगों को जागरूक करेंगे। इसी प्रकार से ये दल भूकंप प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में आवश्यक कार्य करेंगे। इसके साथ ही वे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में केंद्रीय स्तर के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और लोगों की चिकित्सीय सहायता करेंगे।

विभाग के कार्यकारी निदेशक बाबूराम मरासिनी ने कहा कि भूकंप प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और इन इमारतों से परिचालन भी नामुमकिन है।

उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक भूकंप प्रभावित किसी भी जिले और उनके आस-पास के इलाकों में महामारी का प्रकोप नहीं फैला है, लेकिन उन्होंने चेताया है कि साफ-सफाई की कमी और मौसम में परिवर्तन के चलते महामारी फैल सकती है।

मरासिनी ने कहा कि दवाओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भूकंप के प्रभाव से बचे रहने वाले जिलों से इकट्ठा किया जाएगा और महामारी फैलने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सहायता के लिए तैयार किया जाएगा।

कुछ विशेषज्ञों ने हालांकि भूकंप प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने की संभावना से इंकार किया है।

मलबे और भूस्खलन में दबे सैकड़ों शवों को खोजने का काम जारी है और अस्पताल के शवगृह में लगभग 50 शव ऐसे रखे हैं जिन्हें लेने के लिए अभी तक कोई नहीं आया है। इसी बीच एक विशेषज्ञ ने शवों के कारण महामारी फैलने की आशंका से इंकार किया है।

अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन समिति की भारतीय इकाई के निदेशक कैलाश गुप्ता ने कहा कि शवों के कारण महामारी फैलने का खतरा एक मिथक है जिसे मीडिया ने फैलाया है। कालिदास ने आपदा के बाद बड़े पैमाने पर शवों के प्रबंधन में व्यापक अनुसंधान किया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश