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'दुनिया की शांति में बाधा डालता है अमेरिका', पेंटागन की रिपोर्ट के जवाब में चीन ने दिया बड़ा बयान

 Edited By: Deepak Vyas
 Published : Oct 25, 2023 02:03 pm IST,  Updated : Oct 25, 2023 02:04 pm IST

चीन ने अमेरिका पर शांति में बाधक बनने का ​आरोप लगाया है। चीन ने कहा है कि अमेरिका क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में बाधक है। चीन की सैन्य क्षमता के विस्तार पर पेंटागन ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके जवाब में चीन ने ये आरोप लगाया है।

चीन ने अमेरिका पर लगाया शांति में बाधक बनने का ​आरोप- India TV Hindi
चीन ने अमेरिका पर लगाया शांति में बाधक बनने का ​आरोप Image Source : FILE

China America Relation: चीन और अमेरिका के बीच जुबानी जंग कम नहीं हो रही है। हाल के समय में चीन और रूस के बीच तनाव और बढ़ा है, चाहे वो दक्षिण चीन सागर का मुद्दा हो, रूस यूक्रेन जंग हो या फिर द्विपक्षीय कारोबार। साल की शुरुआत में चीनी जासूसी गुब्बारे को पेंटागन द्वारा नष्ट करने के बाद भी दोनों देशों में तनातनी बढ़ गई थी। इन सबके बीच चीन ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। चीन की सैन्य क्षमता के विस्तार पर पेंटागन ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके जवाब में चीन ने कहा कि 'अमेरिका क्षेत्रीय शांति में बाधक है।'

चीन के सैन्य क्षमता विस्तार पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन की एक रिपोर्ट के जवाब में बुधवार को चीन ने कहा कि अमेरिका दुनिया में ‘क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता का सबसे बड़ा बाधक’ है। पेंटागन ने चीन की सैन्य क्षमता विस्तार पर एक वार्षिक रिपोर्ट तैयार की है, जिसे कांग्रेस में पेश किया जाना आवश्यक है। चीन को अमेरिकी सरकार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने लिए प्रमुख खतरे और अमेरिका की प्राथमिक दीर्घकालिक सुरक्षा चुनौती के रूप में देखती है।

चीन के रक्षा मंत्रालय ने पेंटागन को ठहराया गलत

चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पेंटागन रिपोर्ट के निष्कर्षों को गलत बताया और इसका इस्तेमाल इजराइल एवं यूक्रेन की मदद करने में अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों के साथ-साथ दुनिया भर में सैन्य प्रतिष्ठानों के निर्माण पर पलटवार करने के लिए किया। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने कहा, ‘अमेरिका ने यूक्रेन को कमजोर यूरेनियम युद्ध सामग्री और क्लस्टर बम भेजे हैं, भूमध्य सागर में अपने युद्ध जहाज भेजे हैं और इजराइल को हथियार और युद्ध सामग्री भेजी है, क्या यह तथाकथित सिद्धांत है जिसे ‘मानवाधिकार के रक्षक क्षेत्र में ला रहे हैं?’

परमाणु शक्ति का तेजी से विस्तार करने पर पेंटागन ने दी थी रिपोर्ट में चेतावनी

पेंटागन की रिपोर्ट पिछले साल की एक चेतावनी पर आधारित है जिसमें कहा गया था कि चीन अपनी सेना के सामान्य निर्माण के अनुरूप, अपनी परमाणु शक्ति का तेजी से विस्तार कर रहा है। पहले की चेतावनी में कहा गया था कि बीजिंग 2035 तक अपने पास मौजूद हथियारों की संख्या को लगभग चार गुना बढ़ाकर 1,500 करने की राह पर है। नवंबर में राष्ट्रपति जो बाइडन और शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात से पहले चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी बृहस्पतिवार को अमेरिका का दौरा करेंगे। 

2018 के बाद से ही अमेरिका चीन में खराब हैं संबंध

2018 के बाद से अमेरिका-चीन संबंध खराब हो गए हैं, शुरुआत में रिश्तों में दरार व्यापार विवाद के कारण आयी, लेकिन बाद में यह कोविड महामारी, शिनजियांग और ताइवान में चीन की कार्रवाइयों के कारण और बढ़ गयी। चीन ने भी अपनी जवाबी प्रतिक्रिया में ताइवान से निपटने की कार्रवाई सुनिश्चित की। पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन स्व-शासित द्वीप की ओर सैन्य, राजनयिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। 

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