Saturday, April 20, 2024
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चीन में बौद्ध भिक्षुओं समेत 100 से ज्यादा गिरफ्तार, जानें क्यों और किस चीज का कर रहे थे विरोध

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को कथित तौर पर सिचुआन के कार्दजे तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में गिरफ्तार किया गया जो तिब्बतियों की एक बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है।

Vineet Kumar Singh Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published on: February 23, 2024 19:08 IST
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Image Source : REUTERS FILE चीन में विरोध प्रदर्शनों से बहुत सख्ती से निपटा जाता है।

बीजिंग: चीन के दक्षिणी-पूर्वी सिचुआन प्रांत में एक बड़े बांध के निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन को कुचलने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने बौद्ध भिक्षुओं समेत 100 से भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बांध के निर्माण से 6 बौद्ध मठ डूब जाएंगे और 2 गांवों के लोगों को वहां से जाना पड़ेगा, इसी वजह से इसका विरोध हो रहा है। बगावत के इस दुर्लभ मामले के तहत गार्जे तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में डेगे काउंटी के वांगबुडिंग टाउनशिप के निवासी 14 फरवरी से सड़क पर उतरकर ड्रिचु नदी (चीनी भाषा में जिंशा) पर 2240 मेगावाट के गंगटुओ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं।

14 फरवरी को शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन

‘रेडियो फ्री एशिया’ ने गुरुवार को बताया कि यह बांध यांग्त्जी नदी के ऊपरी हिस्से पर स्थित है, जो चीन के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। विरोध प्रदर्शन 14 फरवरी को शुरू हुआ, जब कम से कम 300 तिब्बती सार्वजनिक समारोहों पर सख्त नियंत्रण और सिचुआन एवं तिब्बत क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा व्यापक निगरानी की अवहेलना करते हुए बांध निर्माण का विरोध करने के लिए डेगे काउंटी टाउन हॉल के बाहर एकत्र हुए। लोगों को कथित तौर पर सिचुआन के कार्दजे तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में गिरफ्तार किया गया जो तिब्बतियों की एक बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है।

कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा

रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों में से कुछ के ऊपर सुरक्षाकर्मियों ने इतना जुल्म किया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पानी की बौछारें करने समेत अन्य कदम उठाए। विरोध प्रदर्शनों के वीडियो में भिक्षुओं को अधिकारियों के सामने झुका हुआ दिखाया गया है। वीडियो में भिक्षु अधिकारियों से यह अनुरोध करते दिख रहे हैं कि वे विध्वंस का सहारा नहीं लेंगे। बता दें कि चीन में विरोध-प्रदर्शनों को बहुत ही निर्दयता से कुचला जाता है।

दोनों गांवों में रहते हैं 2 हजार लोग

सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इसके पहले बताया था कि 4.6 अरब अमेरिकी डॉलर की येबातन जलविद्युत परियोजना, जिंशा नदी के ऊपरी क्षेत्र में सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी। प्रस्तावित परियोजना स्थल के करीब स्थित वोंटू और येना मठ, देग काउंटी में येना, वोंटू और खरधाओ मठ और अपर वोंटू तथा शिपा गांव तथा छामदो कस्बे में रेब्तेन, गोंसार और ताशी मठों के प्रभावित होने की संभावना है। इन दोनों गांवों में करीब 2 हजार लोग रहते हैं और बांध परियोजना से उन्हें विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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