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पाकिस्तान की राजनीति में कुछ भी स्पष्ट नहीं होता, अब राष्ट्रपति अल्वी ने खारिज किया असेंबली सत्र बुलाने का प्रस्ताव

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 27, 2024 12:57 pm IST,  Updated : Feb 27, 2024 12:57 pm IST

पाकिस्तान की राजनीति में अभी भी उथल पुथल मची हुई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने 29 फरवरी को नई असेंबली का पहला सत्र बुलाने का प्रस्ताव कथित तौर पर खारिज कर दिया है।

राष्ट्रपति अल्वी - India TV Hindi
राष्ट्रपति अल्वी Image Source : AP/FILE

Pakistan News: पाकिस्तान की राजनीति में उथल पुथल जारी है। 29 फरवरी को निर्वाचित सांसदों का पहला सत्र 29 फरवरी को हो जाना चाहिए था, जो तय भी किया गया था। लेकिन राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने 29 फरवरी को सत्र बुलाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इससे संवैधानिक संकट भी पैदा हो सकता है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने 29 फरवरी को नई असेंबली का पहला सत्र बुलाने का प्रस्ताव कथित तौर पर खारिज कर दिया है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। 'जिओ न्यूज' के अनुसार राष्ट्रपति ने कार्यवाहक संसदीय मामलों के मंत्रालय के प्रस्ताव को खारिज किया और कहा कि सभी आरक्षित सीट को सत्र बुलाने से पहले आवंटित किया जाएगा, जिसमें नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे। 

2018 में राष्ट्रपति बने थे अल्वी

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की झुकाव रखने वाले अल्वी 2018 में राष्ट्रपति बने थे। राष्ट्रपति बनने से पहले वह जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के वरिष्ठ सदस्य थे। खबर में कहा गया कि राष्ट्रपति के इनकार के बाद नेशनल असेंबली के निवर्तमान स्पीकर राजा परवेज अशरफ ने 29 फरवरी को संसद के निचले सदन का सत्र बुलाने का फैसला किया। 

नियम यह है कि 21 दिनों में बुला ली जाए बैठक

यह फैसला नेशनल असेंबली सचिवालय के उन वरिष्ठ अधिकारियों और संवैधानिक विशेषज्ञों के परामर्श का पालन करता है। जिन्होंने राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार की खबर के मुताबिक, संवैधानिक प्रावधान के अनुसार नेशनल असेंबली की बैठक चुनाव के 21 दिनों के भीतर बुलाई जानी चाहिए। अनुच्छेद 91 के तहत 29 फरवरी को यह आदेश दिया गया है। 

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