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पाकिस्तानी नेहा मलिक की कहानी...पहले नृत्य, फिर देह व्यापार और अब पढ़ाई; इसके आगे "शेफ" टारगेट

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Feb 26, 2025 05:12 pm IST,  Updated : Feb 26, 2025 05:29 pm IST

पाकिस्तान की 31 वर्षीय नेहा मलिक ने अपनी जिंदगी का बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि वह पहले आजीविका के लिए शादियों में नृत्य करती थी, फिर वहीं से देहव्यापार करने लगी। अब पढ़ाई करना चाहती है।

पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर, नेहा मलिक।- India TV Hindi
पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर, नेहा मलिक। Image Source : AP

लाहौर: पाकिस्तान की नेहा मलिक की कहानी जरा हट कर है। पहले उसने आजीविका चलाने के लिए नृत्य और फिर देहव्यापार का पेशा चुना...फिर अब पढ़ाई की तरफ खुद को मोड़ा है। नेहा मलिक का आगे का टारगेट अब किसी होटल में शेफ बनने का है। इसलिए वह पाक कला में निपुण हो रही है। यह कहानी पाकिस्तान में अकेले नेहा मलिक की नहीं है। बल्कि ऐसे कई किरदार हैं, जिन्हें अब एक पाकशाला की खास परियोजना में शामिल किया गया है।

इन सभी ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए वहां खाना पकाने की कला सीखाई जा रही है। इसी में शामिल हैं 31  वर्षीय नेहा मलिक, जो पहले आजीविका के लिए पार्टियों और शादियों में नृत्य करती थी और वह देह व्यापार में भी संलिप्त थी। जनवरी में उसने ‘कलिनेरी एंड होटल इंस्टीट्यूट ऑफ पाकिस्तान’ में किन्नर समुदाय के लिए शुरू किए गए एक नये पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। पाकिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी लाहौर में संचालित किए जा रहे छह महीने के नि:शुल्क पाठ्यक्रम में जनवरी में 25 ट्रांसजेंडर छात्रों के पहले समूह ने प्रवेश लिया। 25 छात्रों के दूसरे समूह ने एक फरवरी को प्रशिक्षण शुरू किया। अब, नेहा दुबई में शेफ के रूप में काम करने का सपना देख रही है। वह कभी भी कोई क्लास नहीं छोड़ती। उसने कहा, ‘‘मैं सीखने में इतनी डूबी रहती हूं कि मेरे पास अब नृत्य करने का समय नहीं है।’’ 

यूएनडीपी ने कहा-ट्रांस जेंडरों पर हो रहे जुर्म

रूढ़िवादी मुस्लिम बहुल देश में किन्नर समुदाय को बहिष्कृत माना जाता है। कुछ ट्रांसजेंडर रोजी-रोटी कमाने के लिए भीख मांगने, नाचने और यहां तक कि वेश्यावृत्ति करने के लिए मजबूर हैं। उन पर हमलों का जोखिम भी होता है। संयुक्त राष्ट्र विकास एजेंसी ने पिछले साल कहा था कि पाकिस्तान में अधिकतर ट्रांसजेंडर लोगों ने हिंसा या दुर्व्यवहार का अनुभव किया है और उनमें से ज्यादातर ने अपनी लिंग पहचान के कारण रोजगार के अवसरों से वंचित होने की बात कही है। यूएनडीपी ने कहा कि केवल सात प्रतिशत ट्रांसजेंडर औपचारिक क्षेत्र में कार्यरत थे।

पिछले साल, लाहौर ने ट्रांसजेंडर लोगों और महिलाओं को भेदभाव एवं उत्पीड़न से बचाने के प्रयास में अपनी पहली राइड-शेयरिंग सेवा शुरू की। इससे पहले, 2022 में पाकिस्तान ने ट्रांसजेंडर लोगों के लिए एक हॉटलाइन शुरू की थी। नेहा ने कहा, ‘‘समाज आमतौर पर हमें नीची नजर से देखता है। हमें इस मानसिकता को बदलना होगा। अब, लोग मेरे पास आते हैं और मुझे शेफ के कोट और टोपी में देखकर पूछते हैं कि मैं क्या करती हूं।  (एपी) 

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