मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह यूक्रेन में 30 दिन के संघर्ष विराम से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव से सैद्धांतिक रूप में सहमत हैं, लेकिन इसकी शर्तों पर काम करने की जरूरत है। पुतिन ने स्थायी शांति बहाली पर जोर दिया। पुतिन ने मॉस्को में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इसलिए यह विचार अपने आप में सही है। हम निश्चित रूप से इसका समर्थन करते हैं। लेकिन ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमें चर्चा करने की आवश्यकता है और मुझे लगता है कि हमें अपने अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के साथ इस पर चर्चा करने की आवश्यकता है।’’
व्लादिमीर पुतिन ने संघर्ष विराम के संभावित उल्लंघनों को रोकने के लिए एक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक अन्य मुद्दा यह है कि क्या यूक्रेन 30 दिवसीय संघर्ष विराम का उपयोग लामबंदी और पुनः शस्त्रीकरण जारी रखने के लिए कर सकेगा। पुतिन ने कहा, ‘‘हम लड़ाई रोकने के प्रस्तावों से सहमत हैं, लेकिन हम इस धारणा के साथ आगे बढ़ते हैं कि संघर्ष विराम से स्थायी शांति आएगी और संकट के मूल कारणों को दूर किया जाएगा।’’
रूस ने कहा है कि वह किसी भी संभावित संघर्ष विराम की निगरानी के लिए नाटो के किसी भी सदस्य देश से शांति सैनिकों को स्वीकार नहीं करेगा। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के एक दूत वाशिंगटन द्वारा प्रस्तावित 30 दिवसीय संघर्ष विराम पर वार्ता के लिए बृहस्पतिवार को मास्को पहुंचे, लेकिन एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने कहा कि इस पहल से केवल यूक्रेन को ही लाभ होगा, क्योंकि इसकी थकी हुई और कम संख्या वाली सेना को इससे कुछ आराम मिल जाएगा। संघर्ष विराम के प्रस्ताव को यूक्रेन ने स्वीकार कर लिया है। यह कूटनीतिक प्रयास रूस के इस दावे के बीच किया गया है कि उसके सैनिकों ने रूसी कुर्स्क सीमा क्षेत्र के एक प्रमुख शहर से यूक्रेनी सेना को खदेड़ दिया है, जहां से मास्को सात महीने से यूक्रेनी सैनिकों को हटाने का प्रयास कर रहा था। (एपी)
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