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पुतिन के पास ट्रंप ने क्यों भेजा अपना शांति दूत, रूसी राष्ट्रपति से मिलने के बाद क्या बोले विटकॉफ?

 Published : Aug 06, 2025 05:26 pm IST,  Updated : Aug 06, 2025 05:26 pm IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को एक हफ्ते के अंदर यूक्रेन से समझौता नहीं करने पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी के बीच अपने दूत विटकॉफ को रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने मॉस्को भेजा है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलते ट्रंप के दूत विटकॉफ।- India TV Hindi
रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलते ट्रंप के दूत विटकॉफ। Image Source : AP

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को मॉस्को में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से बातचीत की। यह मुलाकात व्हाइट हाउस द्वारा रूस को यूक्रेन के साथ शांति समझौता करने की अंतिम तारीख से कुछ दिन पहले हुई है। इससे पहले ट्रंप ने एक हफ्ते में यूक्रेन से शांति समझौता नहीं करने पर रूस को कड़ी आर्थिक पाबंदियों का सामना करने की धमकी दी थी। ऐसा होने पर सबसे ज्यादा वह देश प्रभावित हो सकते हैं जो रूसी तेल खरीद रहे हैं।

क्रेमलिन ने क्या कहा?

क्रेमलिन ने इस बैठक के बारे में और कोई विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं कराया। पहले विटकॉफ़ ने सुबह जल्दी ज़रयाद्ये पार्क में सैर की, जो क्रेमलिन से कुछ कदम दूर है और वहां उन्होंने रूस के राष्ट्रपति के निवेश और आर्थिक सहयोग दूत किरील दिमित्रिएव के साथ समय बिताया।  हाल के महीनों में दिमित्रिएव ने इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीन दौर की सीधे वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, साथ ही रूस और अमेरिका के अधिकारियों के बीच भी बातचीत कराई है। इन वार्ताओं में तीन साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने में कोई प्रगति नहीं हुई। ट्रम्प का पुतिन के लिए दिया गया अंतिम समय शुक्रवार को समाप्त हो रहा है।

अमेरिका लगाएगा का रूस पर पाबंदी

वॉशिंगटन ने चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन में हत्या बंद नहीं हुई तो रूस पर "कड़े शुल्क" और अन्य आर्थिक पाबंदियां लगाई जाएंगी। ट्रम्प ने पुतिन पर रूस के नागरिक इलाकों पर बढ़ते हमलों को लेकर निराशा जताई है, जो युद्ध के प्रति मनोबल और जन समर्थन को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। ये हमले तब भी जारी हैं जब ट्रम्प ने पिछले महीनों में रूसी नेता से नरमी बरतने का आग्रह किया है।

रूस ने किया जापोरिज्जिया में हमला

मंगलवार से बुधवार की रात के दौरान रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के दक्षिणी ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में एक मनोरंजन केंद्र पर हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए। क्षेत्रीय गवर्नर इवान फेडोरोव ने बुधवार को कहा मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं।

जेलेंस्की ने कहा-क्रूरता कर रहा रूस

यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर कहा, "इस हमले में कोई सैन्य तर्क नहीं है। यह केवल डराने-धमकाने के लिए की जाने वाली क्रूरता है। बता दें कि रूस ने यूक्रेनी बिजली ग्रिड और हीटिंग गैस सुविधाओं पर भी हमला किया। इस पर जेलेंस्की ने कहा,यूक्रेन सर्दियों की तैयारी कर रहा है। इसलिए उसके पावर ग्रिड पर यह हमला किया गया। 

पुतिन ने क्यों तेज किया यूक्रेन पर हमला?

पश्चिमी विश्लेषकों और यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि पुतिन समय को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं और गंभीर वार्ता से बच रहे हैं, जबकि रूसी बल अधिक यूक्रेनी जमीन पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इस वर्ष की बसंत से शुरू हुई रूसी आक्रमण की गति पिछले साल की तुलना में तेज है, लेकिन इसमें धीमी और महंगी प्रगति हो रही है और कोई बड़े शहरों पर कब्जा नहीं हो सका है। विश्लेषकों के अनुसार यूक्रेनी सेनाओं के लिए फ्रंटलाइन की स्थिति गंभीर है, लेकिन उनकी रक्षा दीवार ढहने वाली नहीं है।

ट्रंप ने दिया ये बयान

विटकॉफ को रूस भेजने से पहले मंगलवार को जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे उन देशों पर टैरिफ लगाएंगे जो रूसी तेल खरीदते हैं, जिससे चीन और भारत पर आयात कर में काफी वृद्धि हो सकती है तो इस पर उन्होंने कहा, "हम कल रूस के साथ बैठक करेंगे। देखेंगे क्या होता है। तब फैसला करेंगे।" राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अभी तक किसी निश्चित टैरिफ दर के लिए सार्वजनिक रूप से प्रतिबद्धता नहीं जताई है। क्रेमलिन पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने से रूस-अमेरिका संबंधों के बिगड़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने का खतरा है। (एपी)

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